ईरान समर्थित हाउथी विद्रोहियों ने यमन के बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा किया
अदन (यमन)। ईरान समर्थित हाउथी विद्रोहियों ने बृहस्पतिवार को यमन के रणनीतिक रूप से अहम बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया। हाउथी और यमन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
लाल सागर के लिहाज से अहम है मोखा
हौथियों के इस कब्जे को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह इलाका लाल सागर से होकर होने वाले समुद्री परिवहन को नियंत्रित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। मोखा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल और अन्य सामानों की ढुलाई होती है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बढ़ा महत्व
फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित किए जाने के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बाब अल-मंदेब का महत्व और बढ़ गया है।
हाउथी और यमन सरकार के अधिकारियों ने की पुष्टि
हाउथी विद्रोहियों द्वारा मोखा पर कब्जे की पुष्टि ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से यमन सरकार के साथ गठबंधन वाली ‘नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज’ के कमांडर अहमद बाश और हाउथी राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हजाम अल-असद ने की है।
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