यमन के हौथी बलों ने रविवार को सऊदी अरब के हवाई अड्

सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर हमलों का हौथियों ने किया दावा, रियाद हमले की दुनियाभर में निंदा

Houthis Claim Attacks on Saudi Airports and Oil Sites, Riyadh Attack Condemned Worldwide

रियाद (सऊदी अरब): यमन के हौथी बलों ने रविवार को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले करने का दावा किया। समूह ने मक्का और मदीना को अपवाद बताते हुए सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित करार दिया। इस बीच, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले की कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने निंदा की है।

हौथियों ने 24 घंटे में चार सैन्य अभियानों का किया दावा

हौथी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी द्वारा टेलीग्राम पर साझा किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, समूह ने सीमा पार हमलों को सऊदी अरब की ओर से किए गए हवाई हमलों का जवाब बताया। बयान में दावा किया गया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब ने यमन के विभिन्न इलाकों में 124 हवाई हमले किए। इनमें राजधानी सना के अलावा तैज़, मारिब, अल-जौफ, हज्जा, अल-हुदैदा और सादा प्रांत शामिल थे। समूह ने दावा किया कि इन हमलों के साथ यमन में हवाई हमलों की कुल संख्या 2,058 हो गई है। हौथी बयान में कहा गया, "अल्लाह की मदद से, सशस्त्र बलों ने पिछले 24 घंटों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए चार महत्वपूर्ण अभियान चलाए।"

रियाद और दम्माम के हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा

हौथियों ने दावा किया कि उनके अभियानों में सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। बयान के अनुसार, रियाद हवाई अड्डे पर तीन चरणों में हमला किया गया, जिससे हवाई यातायात बाधित होने और हवाई अड्डे के बंद होने का दावा किया गया। समूह ने दम्माम हवाई अड्डे पर भी सीधे हमले की बात कही। हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अरामको के गैस और तेल प्रतिष्ठानों पर हमले का दावा

हौथी बलों ने सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित सऊदी अरामको के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाने का दावा किया। बयान में कहा गया कि अरामको के शुगादम गैस संयंत्र पर हमले के बाद आग लग गई। इसके अलावा, समूह ने तनाजिब तेल रिफाइनरी पर सटीक हमला करने और वहां आग लगने का दावा भी किया। हौथियों ने रास अल-अरा और अल-साकिया क्षेत्रों में सऊदी सैन्य जमावड़े पर छह बैलिस्टिक मिसाइलों और दो ड्रोन से हमला करने की बात भी कही। समूह के अनुसार, इन हमलों में कई सैनिक मारे गए और घायल हुए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताकर जारी की चेतावनी

बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हौथियों ने अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों, विदेशी कर्मचारियों और यात्रियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों से जुड़ी उड़ानों के संबंध में चेतावनी दी। समूह ने अपने बयान में कहा, "हम दुनिया भर की सभी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विशेषज्ञों, कर्मचारियों, श्रमिकों और यात्रियों को सऊदी हवाई अड्डों के लिए उड़ानें संचालित न करने की अपनी चेतावनी दोहराते हैं, क्योंकि वे असुरक्षित हैं, सिवाय मक्का और मदीना के पवित्र शहरों के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र के।" हौथियों ने यह भी कहा कि वे सऊदी अरब के भीतर अपने अभियानों को तब तक जारी रखेंगे, जब तक यमन पर हमले बंद नहीं होते और उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों से घेराबंदी नहीं हटाई जाती।

रियाद हवाई अड्डे पर फिर हमले की खबर

हौथियों के दावों के बीच रविवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक और मिसाइल हमले की खबर सामने आई। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने हवाई अड्डे के पास एक क्रूज मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) के मुताबिक, यमन में वैधता बहाल करने के लिए गठित गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने मिसाइल को रोकने की पुष्टि की। इससे पहले, हवाई अड्डे के टर्मिनल 4 पर एक अज्ञात वस्तु के टकराने से आग लगने की जानकारी दी गई थी। आपातकालीन सेवाओं और बचाव कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और परिसर को सुरक्षित करने का काम किया। हौथी-संचालित अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि सऊदी सेना ने यमन में हौथियों के नियंत्रण वाले इलाकों में हवाई और मिसाइल हमलों की नई श्रृंखला शुरू की है। इसमें सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और उत्तरी प्रांतों के कुछ क्षेत्रों को निशाना बनाने की बात कही गई। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की है।

नेतन्याहू ने की हमले की निंदा

रियाद हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी कड़ी निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। नेतन्याहू ने कहा, "मैं सऊदी अरब के रियाद में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए भयावह आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, जिसमें 12 निर्दोष लोगों की जान चली गई और सैकड़ों अन्य घायल हो गए।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद निर्दोष लोगों को निशाना बनाता है और भय तथा अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता है। नेतन्याहू ने मध्य पूर्व के देशों से सुरक्षा खतरों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान भी किया।

ट्रंप ने सऊदी अरब की मदद पर विचार करने की बात कही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि हौथी विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य अभियानों में शामिल होना चाहिए या नहीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सऊदी अरब पर हुए हमलों के जवाब में कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने कहा, “हम ऐसा कर सकते हैं। हम इस पर विचार करेंगे। हमें अभी-अभी हुए हमले के बारे में पता चला है। हम फैसला लेंगे। हम बहुत तेजी से कार्रवाई करते हैं।” अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हमलों की निंदा की और सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन हमलों में निर्दोष नागरिकों की जान गई है और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी

तनाव बढ़ने के बाद सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने रविवार को अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की। इसमें अमेरिकी नागरिकों को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई। मिशन ने यात्रियों को संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और यात्रा में व्यवधान की आशंका को देखते हुए अपनी उड़ानों की स्थिति सीधे संबंधित विमानन कंपनियों से जांचने को कहा। इसके अलावा, सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को रियाद, जेद्दा और दम्माम के प्रमुख हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने के लिए विशेष अनुमति लेने का निर्देश दिया गया।

हमले में भारतीय नागरिकों की भी मौत और घायल होने की खबर

सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, शनिवार को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। मृतकों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल बताए गए। भारतीय अधिकारियों ने भी हमले में घायल भारतीय नागरिकों के संबंध में सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय किया। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि वह स्थानीय अधिकारियों और उस अस्पताल के संपर्क में है, जहां घायल भारतीयों का इलाज किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में 11 भारतीय नागरिक प्रभावित हुए, जिनमें से एक की चोटों के कारण मौत हो गई।

भारत ने नागरिक ठिकानों पर हमले को बताया अस्वीकार्य

भारत ने रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब की संप्रभुता के समर्थन में एकजुटता जताई। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बार-बार होने वाले हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल बंद किया जाना चाहिए।" मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।

बांग्लादेश ने पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

बांग्लादेश ने भी रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उसके विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस घटना में दो बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई। बांग्लादेशी दूतावास मृतकों और घायलों की जानकारी जुटाने तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है। बांग्लादेश ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मक्का और मदीना के इस्लामी पवित्र स्थलों को खतरा होता है, तो उनकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले की निंदा की और नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि इस हमले में कथित तौर पर 12 लोग मारे गए और सैकड़ों नागरिक घायल हुए। गुटेरेस ने कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इन्हें तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव से हवाई यातायात प्रभावित

यह घटना सऊदी अरब और हौथी विद्रोहियों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा हौथियों के खिलाफ सैन्य अभियान तेज किए जाने के बाद हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इन घटनाओं से क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को लेकर चिंता बढ़ गई है।

(एएनआई)

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