आईएमएफ का अनुमान, वित्त वर्ष 2027 में 6.4% जीडीपी वृद्धि के साथ भारत रहेगा तेज रफ्तार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल
नई दिल्ली,(भारत)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, भारत मजबूत घरेलू खपत और सेवा क्षेत्र की बेहतर गतिविधियों के चलते वित्त वर्ष 2027 में 6.4 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा।
आईएमएफ की जुलाई 2026 की विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) अपडेट
आईएमएफ ने अपनी जुलाई 2026 की विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) अपडेट रिपोर्ट में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद भारत अपनी मजबूत विकास गति बनाए रखने में सफल रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, निजी उपभोग और सेवाओं में निरंतर मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख विकास कारक बने हुए हैं।
वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 3.0 प्रतिशत रहने की संभावना
आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 3.0 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो 2027 में बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो सकती है। वहीं, वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर 2025 के 5.0 प्रतिशत से घटकर 2026 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, हालांकि 2027 में इसके 4.3 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
विकासशील देशों की विकास दर में 3.8 प्रतिशत तक धीमी
रिपोर्ट में कहा गया है, कि वैश्विक व्यापार में यह बदलाव पहले किए गए निवेश, टैरिफ के प्रभाव और देशों द्वारा व्यापार संबंधों तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में किए जा रहे समायोजन को दर्शाता है। उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की विकास दर 2026 में 3.8 प्रतिशत तक धीमी होने का अनुमान है, जबकि 2027 में इसके 4.5 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
चीन की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 4.6 प्रतिशत
आईएमएफ के अनुसार, चीन की आर्थिक वृद्धि 2026 में घटकर 4.6 प्रतिशत रह सकती है। इसके पीछे तेल की ऊंची कीमतों और कुछ संरचनात्मक चुनौतियों को प्रमुख कारण बताया गया है। दूसरी ओर, वियतनाम की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में सुधार से लाभ मिलने के कारण मलेशिया की अर्थव्यवस्था 4.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। अमेरिका की आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 2.3 प्रतिशत और 2027 में 2.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आईएमएफ ने कहा कि राजकोषीय नीतियों, बेहतर वित्तीय परिस्थितियों, तकनीकी निवेश और उत्पादकता में सुधार से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है।
यूरो क्षेत्र की वृद्धि दर 0.9 प्रतिशत
यूरो क्षेत्र की वृद्धि दर 2026 में 0.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले अनुमान से कम है। आईएमएफ ने इसके लिए कमजोर उपभोक्ता विश्वास, ऊर्जा की ऊंची कीमतों और पहली तिमाही के कमजोर प्रदर्शन को जिम्मेदार बताया है। ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर 2026 में 1.0 प्रतिशत और जापान की 0.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण दक्षिण कोरिया की विकास दर 2.6 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मध्य पूर्व और मध्य एशिया में आर्थिक वृद्धि घटकर 0.7 प्रतिशत
मध्य पूर्व और मध्य एशिया क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने के प्रभाव से 2026 में आर्थिक वृद्धि घटकर 0.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, हालांकि 2027 में इसके 6.5 प्रतिशत तक सुधारने की उम्मीद है। आईएमएफ ने बताया कि इराक, कुवैत और कतर जैसे ऊर्जा उत्पादक देशों पर इसका अधिक असर पड़ सकता है, जबकि सऊदी अरब के लिए 1.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। ईरान की आर्थिक वृद्धि दर को संशोधित कर -5.4 प्रतिशत कर दिया गया है।
वैश्विक स्तर पर कीमतों में गिरावट की प्रक्रिया धीमी
मुद्रास्फीति के संबंध में आईएमएफ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में गिरावट की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मुद्रास्फीति 2025 के 4.1 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 4.7 प्रतिशत हो सकती है और फिर 2027 में घटकर 3.9 प्रतिशत तक आ सकती है। 2026 में वृद्धि का मुख्य कारण ऊर्जा और खाद्य कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को बताया गया है। आईएमएफ का अनुमान है कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति धीरे-धीरे अपने लक्ष्यों की ओर लौटेगी। ब्रिटेन में यह लक्ष्य 2027 के मध्य तक, अमेरिका और जापान में 2027 के अंत तक तथा यूरो क्षेत्र में 2028 तक हासिल होने की संभावना है। (एएनआई)
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