भारत-यूरोपीय संघ ने मजबूत की रणनीतिक साझेदारी, AI, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ तकनीक में बढ़ेगा सहयोग
ब्रुसेल्स,(बेल्जियम)। भारत और यूरोपीय संघ ने बुधवार को भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।
यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मान्यता
ब्रुसेल्स में आयोजित इस बैठक में टीटीसी को यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में मान्यता दी गई और दोनों पक्षों ने रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने और व्यावसायिक जुड़ाव बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति व्यक्त की। साझेदारों ने जनवरी 2026 में आयोजित 16वें यूरोपीय संघ-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए संयुक्त यूरोपीय संघ-भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा के तहत परिकल्पित टीटीसी के उन्नयन को वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
रणनीतिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय
बैठक में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) के तीन प्रमुख कार्य समूहों—रणनीतिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल शासन और कनेक्टिविटी; स्वच्छ एवं हरित तकनीक; तथा व्यापार, निवेश और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं—के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। रणनीतिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों पक्षों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इसमें स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदार एआई विकास और उपयोग के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान शामिल है। साथ ही, प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और जैवसूचना विज्ञान से जुड़े अनुसंधान के लिए उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) के क्षेत्र में संयुक्त पहल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
सुरक्षित और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण
भारत और यूरोपीय संघ ने सुरक्षित और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण, उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश को आसान बनाने के लिए सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्ष डिजिटल ट्रस्ट सेवाओं, जिसमें डिजिटल वॉलेट भी शामिल हैं, की अंतरसंचालनीयता और पारस्परिक मान्यता को लेकर तकनीकी स्तर पर काम जारी रखने पर सहमत हुए। इसके अलावा, 6जी जैसी भविष्य की तकनीकों के लिए वैश्विक मानकों के विकास और कुशल आईसीटी पेशेवरों की आवाजाही को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
यूरोप में भारत की भागीदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ ने होराइजन यूरोप में भारत की भागीदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने लगभग 60 मिलियन यूरो के निवेश से चल रही संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनमें अपशिष्ट से हाइड्रोजन उत्पादन, समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी पुनर्चक्रण जैसे विषय शामिल हैं। साथ ही, 2026 के दूसरे भाग में हाइड्रोजन घाटियों और हाइड्रोजन सुरक्षा मानकों पर विशेषज्ञता साझा करने का निर्णय लिया गया।
TTC के तीनों कार्य समूहों को तय योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट देने का निर्देश
बैठक के अंत में मंत्रियों ने TTC के तीनों कार्य समूहों को तय योजनाओं को आगे बढ़ाने और नियमित रूप से प्रगति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। भारत और यूरोपीय संघ आने वाले महीनों में डिजिटल तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने के लिए तकनीकी सहयोग जारी रखेंगे।
भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संवाद (TTC) की स्थापना अप्रैल 2022 में
भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संवाद (TTC) की स्थापना अप्रैल 2022 में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। यह भारत द्वारा किसी साझेदार के साथ स्थापित पहला ऐसा ढांचा है, जो दोनों पक्षों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। इसका उद्देश्य सतत विकास, भरोसेमंद नवाचार, तकनीकी सहयोग और नियम-आधारित खुले व्यापार को बढ़ावा देना है। (एएनआई)
यह भी पढ़ेंः ईरान का अमेरिका से बातचीत से इनकार, विदेश मंत्रालय ने कहा- अभी ध्यान रक्षा पर केंद्रित