काला सागर में अनाज की आवाजाही को लेकर भारत-तुर्की ने दिए सुझाव: मार्को रुबियो
अटलांटा [अमेरिका]: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जारी हमलों के कारण काला सागर में अनाज के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए भारत और तुर्की ने कुछ सुझाव दिए हैं। अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्थिति इससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रयासों में शामिल होने की अपील के बावजूद अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में अन्य देशों से सीमित सहयोग मिला है। रुबियो ने कहा कि काला सागर के मामले में कई देशों ने खुलकर अपनी बात रखी है और योगदान देने की इच्छा जताई है। भारत और तुर्की भी कुछ ऐसे विचारों के साथ आगे आए हैं, जिनसे अनाज की खेप को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह स्थिति वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कुछ हद तक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रही है।
होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका को सीमित सहयोग
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के कई देशों के पास इस क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति दिखाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार विभिन्न देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए वैश्विक नौवहन की सुरक्षा के प्रयासों में शामिल होने का आग्रह किया है। हालांकि, अब तक अमेरिका को बहुत सीमित सहयोग मिला है। रुबियो ने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अमेरिका पर आ गई है। रुबियो ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समुद्री मार्गों पर क्षेत्रीय दावों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य या काला सागर जैसी सक्रिय सैन्य कार्रवाई नहीं चल रही है, लेकिन यहां कुछ चुनौतियां जरूर हैं। उन्होंने कहा कि इनमें ऐसे क्षेत्रीय दावे भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका मान्यता नहीं देता। यही वजह है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के साथ-साथ सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों या किसी एक देश के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अवैध क्षेत्रीय दावों को स्वीकार नहीं करता है।
होर्मुज में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव, मछुआरों पर हमले की खबर
होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक समुद्री मार्ग में नाकाबंदी के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हमलों की खबरें सामने आई हैं। जहां ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के आरोप हैं, वहीं अमेरिका ने कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर हमला किया। इस घटना में दो ईरानी मछुआरों के घायल होने की खबर है। समाचार एजेंसी इरना की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद लापता हुए दोनों मछुआरों को ढूंढ लिया गया है। केशम फिशिंग कम्युनिटी के सीईओ ने बताया कि दोनों को वापस केशम द्वीप भेज दिया गया है। वहीं, अल जजीरा ने फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि घायल मछुआरों में से एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एर्दोआन-जेलेंस्की की बैठक में भी काला सागर की स्थिति पर चर्चा
इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच हुई बैठक के एजेंडे में भी काला सागर की स्थिति शामिल रही। वहीं, क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने भी शनिवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन के अधिकारों और स्वतंत्रता को बनाए रखने का आह्वान किया।
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