भारत के पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार, रिपोर्ट में दावा
वाशिंगटन (अमेरिका)। भारत के परमाणु जखीरे को लेकर एक नई रिपोर्ट ने दुनिया का ध्यान खींचा है। अमेरिका के गैर-लाभकारी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स यानी FAS के अनुमान के मुताबिक, भारत के पास करीब 190 परमाणु आयुध हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत अपने परमाणु जखीरे को लगातार आधुनिक बना रहा है और नई मिसाइल प्रणालियों के लिए अतिरिक्त परमाणु आयुध तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार अपनी परमाणु नीति में भरोसेमंद न्यूनतम प्रतिरोध और ‘पहले इस्तेमाल न करने’ के सिद्धांत पर कायम है। क्या कहती है FAS की यह रिपोर्ट और भारत के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इसमें क्या बड़े दावे किए गए हैं? जानिए इस रिपोर्ट में।
190 परमाणु आयुध तैयार होने का अनुमान
एफएएस परमाणु सूचना परियोजना के निदेशक हैंस क्रिस्टेंसन के लेख ‘इंडियाज न्यूक्लियर वेपन्स-2026’ के अनुसार, भारत ने करीब 190 परमाणु आयुध बनाए होंगे। लेख में कहा गया है कि परमाणु आयुध से मिसाइल को लैस करने की भारत की क्षमता और रणनीति के बारे में उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है।
160 से अधिक आयुध लॉन्चर के लिए
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के परमाणु आयुध भंडार में लॉन्चर के लिए 160 से अधिक आयुध और निर्मित हो रही नई मिसाइलों के लिए अतिरिक्त आयुध शामिल हैं। बुधवार को प्रकाशित लेख में कहा गया है कि भारत अपने परमाणु आयुध के जखीरे को आधुनिक बनाने का काम जारी रखे हुए है। हाल के वर्षों में कई नई हथियार प्रणालियां तैनात की गई हैं और कई अन्य विकसित की जा रही हैं।
नई हथियार प्रणालियों पर काम जारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि नई प्रणालियों के विकास का उद्देश्य परमाणु आयुध से लैस किए जा सकने वाले मौजूदा विमानों, सतह से मार करने वाली मिसाइलों और समुद्र आधारित प्रणालियों को बेहतर बनाना या उनकी जगह नई प्रणालियां लाना है। एफएएस के अनुमान के अनुसार, भारत ने 140 से 225 परमाणु आयुधों के लिए पर्याप्त सैन्य प्लूटोनियम का उत्पादन किया होगा और इनमें से 190 तक तैयार कर लिए होंगे।
परमाणु जखीरे में और बढ़ोतरी की संभावना
लेख में कहा गया है कि कई और हथियार प्रणालियों के विकास के साथ भारत के परमाणु आयुध जखीरे में और वृद्धि होने की संभावना है।रिपोर्ट के अनुसार, आयुधों के डिजाइन चाहे जैसे भी हों, इस बात की संभावना कम है कि भारत ने अपने पूरे प्लूटोनियम का इस्तेमाल परमाणु आयुध बनाने में किया हो। इसमें से कुछ हिस्सा रिजर्व में रखे जाने की संभावना जताई गई है।
लॉन्चर की संख्या पर भी निर्भर करता है जखीरा
आलेख में कहा गया है कि भारत के परमाणु आयुध जखीरे का आकार उन लॉन्चर की संख्या और प्रकार पर भी निर्भर करता है, जो उन्हें ले जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात की संभावना कम है कि भारत इन प्रणालियों की क्षमता से कहीं अधिक परमाणु आयुध बनाएगा।
भारत की परमाणु नीति का भी उल्लेख
भारत सरकार ने हाल में संसद को बताया था कि वह भरोसेमंद न्यूनतम प्रतिरोध और परमाणु हथियारों के ‘पहले इस्तेमाल न करने’ की नीति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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