संयुक्त राष्ट्र में भारत का संदेश: राष्ट्रीय स्वामित्व और साझेदारी से ही मजबूत होगा शांति निर्माण
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथानेनी ने "शांति निर्माण और शांति बनाए रखने" विषय पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र की बहस में कहा कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति तभी संभव है, जब शांति निर्माण की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्वामित्व, संस्थागत मजबूती और विश्वास-आधारित साझेदारी पर आधारित हो।
राष्ट्रीय स्वामित्व पर दिया जोर
राजदूत परवथानेनी ने संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण आयोग (पीबीसी) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि शांति निर्माण की प्रक्रिया मांग-आधारित होनी चाहिए और संबंधित देशों की जरूरतों व प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वित्तीय और तकनीकी सहायता देकर सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए।
वित्तीय संकट पर जताई चिंता
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति निर्माण कोष की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में स्वैच्छिक योगदान में लगातार गिरावट आई है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा नकदी संकट का असर भी शांति निर्माण गतिविधियों पर पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीमित संसाधनों को संघर्ष के बाद की परिस्थितियों में प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
दाता-प्राप्तकर्ता मॉडल से आगे बढ़ने की जरूरत
राजदूत ने कहा कि शांति निर्माण को पारंपरिक दाता-प्राप्तकर्ता मॉडल से आगे बढ़ाना होगा। उनका कहना था कि सफल शांति निर्माण के लिए राष्ट्रीय सरकारों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बननी चाहिए और संस्थागत क्षमता तथा लचीलेपन को मजबूत करना आवश्यक है।
महिला, शांति और सुरक्षा एजेंडा पर भारत की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में उन्होंने महिला, शांति और सुरक्षा एजेंडा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ सैन्य लैंगिक अधिवक्ता के रूप में सम्मानित किया जाना इस दिशा में भारत के प्रयासों का प्रमाण है।
सभी देशों के साथ मिलकर काम करने की बात
राजदूत परवथानेनी ने कहा कि भारत शांति निर्माण के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करने और सतत शांति के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
20वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
22 से 26 जून तक आयोजित पहले वार्षिक संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण सप्ताह का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर संवाद बढ़ाना, अनुभव साझा करना और साझेदारी को मजबूत करना है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण आयोग और महासचिव के शांति निर्माण कोष की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया।
(एएनआई)
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