सेंटकॉम हमलों के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन-कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
तेहरान,(ईरान)। ईरान ने शुक्रवार को कहा कि उसने जवाबी हमलों की एक नई लहर में जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) द्वारा ईरानी ठिकानों पर लगातार सातवीं रात के हमलों की घोषणा के कुछ घंटों बाद की गई।
कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले
हमलों की घोषणा ईरान के सरकारी प्रसारक, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) द्वारा जारी बयानों के माध्यम से की गई, जिसमें ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का हवाला दिया गया। ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग के बयान के अनुसार, देश के सशस्त्र बलों ने "ऑपरेशन लाइटनिंग" के 14वें चरण को अंजाम दिया, जिसमें कुवैत और जॉर्डन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए।
कई संचार पुलों को भी बनाया निशाना
बयान में कहा गया है कि ईरानी ड्रोनों ने अल-उदैरी कैंप में एक गोला-बारूद डिपो, कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस पर मुख्यालय भवनों और गोला-बारूद डिपो के साथ-साथ कई संचार पुलों को निशाना बनाया। अल-उदैरी कैंप को अमेरिकी सैनिकों के लिए एक प्रमुख रसद और सहायता केंद्र बताया गया, जबकि अली अल-सलेम वायु सेना को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हवाई अभियानों का समर्थन और समन्वय करने वाले सबसे बड़े केंद्रों में से एक के रूप में पहचाना गया।
जॉर्डन के अल-अज़राक वायु सेना के ईंधन भंडारण टैंकों पर हमला
ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि इसी अभियान में जॉर्डन के अल-अज़राक वायु सेना के ईंधन भंडारण टैंकों पर हमला किया गया। सेना ने इस अड्डे को इसकी रणनीतिक स्थिति और सैन्य बुनियादी ढांचे के कारण क्षेत्रीय अभियानों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य सुविधा बताया। अलग से, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य बल (आईआरजीसी) ने अपने 25वें बयान में "ऑपरेशन नस्र 2" की 17वीं लहर की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने बहरीन में एक अमेरिकी ड्रोन डिपो को निशाना बनाया था।
बहरीन में स्थित "मुख्य कृत्रिम खुफिया केंद्र" पर हमला
आईआरजीसी के अनुसार, इस अभियान में एक अमेरिकी मानवरहित हवाई वाहन (एवी) भंडारण सुविधा नष्ट हो गई, बड़ी संख्या में ड्रोन में आग लग गई और कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों और दर्जनों ड्रोन ने बहरीन में स्थित "मुख्य कृत्रिम खुफिया केंद्र" पर हमला किया। आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले रात भर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में किए गए थे, जिनमें पुलों को निशाना बनाया गया था और ईरान में नागरिकों की जान गई थी।
अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की मेजबानी करने वाले देश ईरान पर हमलों में सहभागी
बयान में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के परिवहन बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो तेहरान उन प्रमुख औद्योगिक, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता संपत्तियों को निशाना बनाएगा जो अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी हैं और उन देशों में स्थित हैं जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं। इसमें आगे कहा गया कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की मेजबानी करने वाले देश ईरान पर हमलों में सहभागी हैं। (ANI)
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