अमेरिकी हमलों पर ईरान का कड़ा विरोध, मदद करने वाले देशों को दी 'वैध लक्ष्य' बनने की चेतावनी
तेहरान,(ईरान)। ने हालिया अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका की कार्रवाई से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हुई है और युद्धविराम समझौते का भी उल्लंघन हुआ है।
अमेरिका को इन हमलों के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अपने क्षेत्र या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए होने देता है, तो उसे ईरानी जवाबी कार्रवाई में वैध सैन्य लक्ष्य माना जा सकता है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र से अमेरिका को इन कथित हमलों के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग भी की। ईरान ने मस्कट में हुई हालिया वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को भी खारिज किया। मंत्रालय का कहना है कि ये दावे पूरी तरह गलत हैं। उसके अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा था, न कि वे मुद्दे जिनका उल्लेख अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया।
संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया पर भी असंतोष
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया पर भी असंतोष जताते हुए महासचिव और सुरक्षा परिषद से मामले में हस्तक्षेप करने तथा हमलों के लिए जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंत्रालय ने दोहराया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विपरीत है।
ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का नया चरण शुरू
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का नया चरण शुरू किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, अमेरिकी कार्रवाई के बाद दक्षिणी ईरान के जास्क, बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले
अमेरिकी सेना ने बताया कि इस अभियान में लड़ाकू विमान, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों की मदद से लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इनमें मिसाइल और ड्रोन अड्डे, नौसैनिक सुविधाएं, गोला-बारूद भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल थे। इस घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी चिंता जताई है। उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। (एएनआई)
यह भी पढ़ेंः दिल्ली के हिरंकी गांव में यमुना में डूबे 4 नाबालिग, 2 शव बरामद