ईरान ने अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है और

अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ईरान की कार्रवाई आत्मरक्षा के अधिकार

Iran Condemns US Strikes, Warns Nations Aiding Washington Could Become 'Legitimate Targets'

तेहरान,(ईरान)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ईरान की कार्रवाई आत्मरक्षा के अधिकार का वैध इस्तेमाल है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर जताई गई चिंता के जवाब में बगाई ने कहा कि मौजूदा स्थिति को केवल सैन्य टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, कि यह अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को शुरू की गई कथित आक्रामक कार्रवाई की प्रतिक्रिया है।

संबंधित देशों पर दबाव बनाने की अपील

बगाई ने कहा कि ईरान आक्रामक कार्रवाई नहीं करता, बल्कि अपनी संप्रभुता की रक्षा कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि दक्षिणी फारस की खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वह संबंधित देशों पर दबाव बनाए ताकि वे अपने क्षेत्रों और सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए न होने दें।

कथित हमलावरों को जवाबदेह न बनाना उचित नहीं

बगाई ने यह भी कहा कि ईरान को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराना और कथित हमलावरों को जवाबदेह न बनाना उचित नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक दस्तावेजों में फारस की खाड़ी नाम के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से हमले रोकने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संघर्ष के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो क्षेत्रीय शांति, वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे।

 ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का नया दौर शुरू

इस बीच, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का नया दौर शुरू किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और वाणिज्यिक नौवहन को प्रभावित करने की ईरान की क्षमता को कम करना है। CENTCOM ने कहा कि ये हमले अमेरिकी नेतृत्व के निर्देश पर ईरानी सैन्य क्षमताओं को जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से किए गए। वहीं, ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, अमेरिकी अभियान के बाद दक्षिणी ईरान के जास्क, बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। क्षेत्र में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर बनी हुई है। (एएनआई)

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