ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की मदद पर भड़का तेहरान, इटली के दावों को नकारा
तेहरान (ईरान): ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब इटली भी इस विवाद के केंद्र में आ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने रविवार को इटली के उस दावे की कड़ी आलोचना की, जिसमें रोम ने ईरान पर अमेरिकी हमलों में किसी भी तरह की सीधी भूमिका से इनकार किया था। बाक़ाई ने इटली के तर्क को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और आक्रामकता में भागीदारी बताया है।
इटली के तर्क पर ईरान का तीखा पलटवार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा, "यह एक स्पष्ट विरोधाभास और भ्रामक तर्क है, जिसका उद्देश्य एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय गलती की जिम्मेदारी से बचना है। एक तरफ सार्वजनिक रूप से हमलावरों को मदद देने से इनकार करना और दूसरी तरफ उस 'तकनीकी और रसद' सहायता को स्वीकार करना, जिसने ईरान के खिलाफ गैरकानूनी अमेरिकी-इजरायली आक्रामक युद्ध को आसान बनाया, पूरी तरह गलत है।" उन्होंने आगे कहा कि हमलावरों को रसद सहायता देना सीधे तौर पर युद्ध को बढ़ावा देने जैसा है।
इटली के विदेश मंत्री ने फोन पर दी थी सफाई
इससे पहले, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान ताजानी ने स्पष्ट किया था कि इटली ने कभी किसी सैन्य पहल में भाग नहीं लिया है और न ही अमेरिका के साथ समझौतों के तहत ईरान के खिलाफ किसी युद्ध कार्रवाई के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग
इटली के विदेश मंत्री ताजानी ने 'X' पर जानकारी दी कि उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोलने का अनुरोध किया है, ताकि वहां फंसे इतालवी मालवाहक जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान में इतालवी दूतावास का फिर से खुलना दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए संवाद का एक बड़ा संकेत है। हालांकि, ईरान इटली द्वारा अमेरिका को दी गई तकनीकी सहायता को लेकर पूरी तरह हमलावर रुख अपनाए हुए है।