मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा! ईरान ने मार गिर

मिडल ईस्ट में जंग के मुहाने पर तनाव: ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन

Iran downs US MQ-9 drone in Khuzestan

तेहरान (ईरान)। पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव अब युद्ध जैसे हालात में बदल गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इराक की सीमा से सटे खुज़ेस्तान प्रांत के अहवाज़ शहर में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना के तुरंत बाद, अमेरिका ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए ईरान समर्थित ठिकानों पर लगातार आठवीं रात हमले किए हैं।

क्या है पूरा मामला और घटनाक्रम?

ईरान की सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि उसने अपनी हवाई सीमा में प्रवेश करने वाले अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीधे निर्देशों के बाद, व्हाइट हाउस से अधिकृत सैन्य अभियान के तहत ईरान के खिलाफ जवाबी हमले किए गए हैं।

घटनाओं का क्रोनोलॉजी:

  • 18 जुलाई, रात 11:30 बजे (ET): CENTCOM ने ईरान के भीतर और क्षेत्रीय संपत्तियों पर एक और राउंड के हवाई हमले पूरे किए।
  • लगातार आठ दिन: मध्य कमान के अनुसार, ईरान समर्थित सुविधाओं को निशाना बनाकर की जा रही यह कार्रवाई 'लगातार आठवीं रात' जारी रही।
  • ड्रोन का खात्मा: ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध अपने चरम पर पहुंच गया है।

क्या है MQ-9 ड्रोन की मारक क्षमता?

अमेरिकी वायु सेना के आधिकारिक विवरण के अनुसार, MQ-9 रीपर एक 'बड़े आकार का, रिमोट से संचालित मानवरहित हवाई वाहन (UAV)' है। इसे मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने (Intelligence), निगरानी (Surveillance), टोही मिशन (Reconnaissance) और सटीक हवाई हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। इसका खोना अमेरिका के लिए एक बड़ी रणनीतिक क्षति माना जा रहा है।

व्हाइट हाउस का रुख और 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' की सुरक्षा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अधिकृत यह सैन्य कार्रवाई केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। पेंटागन का कहना है कि इन ऑपरेशंस का मुख्य उद्देश्य "हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को धमकाने की ईरान की क्षमता को नष्ट करना है।" ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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