ईरान ने अमेरिका के शांति दावों पर पलटवार करते हुए

‘शांति का दावा और धमकियां साथ-साथ’: ईरान ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला

US Iran Tensions

तेहरान। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रयासों और परमाणु संकट रोकने के दावों पर कड़ा पलटवार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का रुख “घोर बेतुकापन” है, क्योंकि एक तरफ शांति की बात की जा रही है और दूसरी तरफ परमाणु हमले जैसी धमकियां दी जा रही हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Baghaei ने कहा कि ऐसे विरोधाभासी बयानों से शांति प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।

अमेरिका की नीति पर ईरान का तंज

ईरान ने अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि शांति स्थापित करने का दावा करने वाले देश अगर “बड़े धमाके” जैसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो यह कूटनीति के खिलाफ है। ईरानी पक्ष ने इसे फिल्म “डॉ. स्ट्रेंजेलोव” जैसी स्थिति बताया, जो परमाणु युद्ध की विडंबना को दर्शाती है।

ट्रंप के बयान पर बढ़ा विवाद

यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया था कि अगर युद्धविराम नहीं होता, तो “एक बड़ी चमकती रोशनी” दिखाई दे सकती है—जिसे परमाणु खतरे के संदर्भ में देखा जा रहा है।

युद्धविराम और तनाव दोनों साथ

हालांकि अमेरिका ने कहा है कि युद्धविराम अभी भी प्रभावी है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई झड़पों और सैन्य गतिविधियों ने स्थिति को अस्थिर बनाए रखा है।

ईरान का जवाब—कोई दबाव नहीं स्वीकार

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी समयसीमा या दबाव में आकर कोई निर्णय नहीं लेगा। तेहरान के अनुसार, वह प्रस्ताव की गहराई से समीक्षा कर रहा है और “उचित समय पर” जवाब देगा। वर्तमान वार्ता का मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जिसे लेकर अमेरिका सख्त सीमाएं चाहता है, जबकि ईरान इसे शांतिपूर्ण ऊर्जा उपयोग का अधिकार बताता है।

स्थिति अब भी तनावपूर्ण

विश्लेषकों के अनुसार, बयानबाजी के इस स्तर ने अमेरिका-ईरान तनाव को और बढ़ा दिया है और कूटनीतिक समाधान की राह अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

एएनआई ।

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