ईरान की बहरीन को कड़ी चेतावनी, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा
तेहरान,(ईरान)। ईरान के सर्वोच्च नेता के एक सलाहकार ने बहरीन को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर उकसावे की कार्रवाई की गई तो तेहरान उससे कहीं अधिक कठोर सैन्य जवाब दे सकता है। अर्ध-सरकारी तसनीम न्यूज़ के मुताबिक, अली अकबर वेलायती ने कहा कि बहरीन को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए और ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए जिससे ईरान को सख्त फैसले लेने पर मजबूर होना पड़े।
बहरीन में अमेरिकी नौसेना बेस पर हमले का दावा
ईरान ने शुक्रवार और शनिवार को बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है। उसका कहना है कि अमेरिका इस क्षेत्र में मौजूद सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए करता है। हालांकि खाड़ी देशों ने इस दावे को खारिज कर दिया है। बहरीन ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा कहा है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और कूटनीतिक प्रयास
इन घटनाओं के बीच एक ओर जहां तनाव बढ़ा है, वहीं अमेरिका और ईरान के बीच कतर में वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति बनी है। दोनों देश सैन्य संघर्ष को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े विवादों को सुलझाने पर बातचीत कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई की थी, जबकि ईरान पर व्यापारिक जहाजों पर हमलों का आरोप लगाया गया था। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद
इस संकट की जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर असहमति है। हाल ही में हुए समझौते में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और प्रतिबंधों में ढील जैसे प्रावधान शामिल थे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच इनकी अलग-अलग व्याख्याएं सामने आई हैं। स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के दौरान सैन्य संपर्क के लिए एक “हॉटलाइन” बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ शर्तों को लेकर यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
बातचीत और तकनीकी सत्रों में बाधा
ईरान ने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का हवाला देते हुए कुछ तकनीकी बैठकों को स्थगित कर दिया है। वहीं, बातचीत के दौरान वित्तीय संपत्तियों को अनफ्रीज करने जैसे मुद्दे भी प्रमुख बने हुए हैं, जिन पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। (एएनआई)
यह भी पढ़ेंः वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के बाद 1,450 से अधिक मौतें, राहत-बचाव अभियान तेज़