ईरान परमाणु समझौते को लेकर बड़ी पहल, समृद्ध यूरेनियम छोड़ने पर सैद्धांतिक सहमति
वॉशिंगटन डीसी [अमेरिका]। पश्चिम एशियाई भू-राजनीति में एक संभावित ऐतिहासिक बदलाव के तहत, ईरान ने क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से अमेरिका के नेतृत्व में बन रहे एक नए ढांचे के तहत अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को छोड़ने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
यह महत्वपूर्ण कदम, जिसकी खबर सबसे पहले The New York Times ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी थी, कूटनीतिक प्रयासों में एक नाटकीय मोड़ माना जा रहा है। हालांकि तेहरान ने एक सामान्य बयान में इस सामग्री को सौंपने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन यूरेनियम को किस प्रकार सौंपा जाएगा, इसके सटीक तंत्र को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इस पर काम किया जाएगा।
ट्रंप ने समझौते को बताया लगभग पूरा
यह घटनाक्रम वॉशिंगटन के नेतृत्व में चल रही बहुपक्षीय कूटनीति की तीव्र लहर के बीच आया है। Truth Social पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की कि वे एक व्यापक समझौता ज्ञापन को सुरक्षित करने के लिए क्षेत्रीय नेताओं के बड़े गठबंधन के साथ उच्च स्तरीय चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और अन्य विभिन्न देशों के बीच एक समझौते पर बातचीत काफी हद तक पूरी हो चुकी है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।” उन्होंने बताया कि अंतिम पहलुओं पर फिलहाल चर्चा चल रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
कई देशों के नेता बातचीत में शामिल
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस व्यापक राजनयिक प्रक्रिया में Mohammed bin Salman, Mohamed bin Zayed Al Nahyan, Tamim bin Hamad Al Thani, Asim Munir, Recep Tayyip Erdoğan, Abdel Fattah el-Sisi, Abdullah II और Hamad bin Isa Al Khalifa सहित कई नेताओं के साथ सीधी बातचीत शामिल है।
नेतन्याहू से भी हुई अहम चर्चा
राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते की रूपरेखा को लेकर Benjamin Netanyahu के साथ हुई एक अलग और “बेहद सफल” बातचीत का भी जिक्र किया। इस उभरते समझौते का एक प्रमुख स्तंभ समुद्री स्थिरता की बहाली है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि समझौते की शर्तों के तहत “होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाएगा”, जो वैश्विक ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार गलियारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
ईरान और पाकिस्तान ने भी जताई उम्मीद
तेहरान से मिली रिपोर्टों में भी इस गति की पुष्टि हुई। Tasnim News Agency ने स्वीकार किया कि पिछले 24 घंटों में हुई गहन अप्रत्यक्ष वार्ता ने विरोधी पक्षों के बीच मतभेदों को काफी हद तक कम किया है। इसके तुरंत बाद ईरानी राजधानी में नए राजनयिक परामर्श शुरू हुए, जिनका उद्देश्य पश्चिम एशिया में आगे सैन्य तनाव को रोकना है। वहीं, पाकिस्तान ने भी इस पहल को लेकर आशावाद व्यक्त किया। पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि वार्ता से “अंतिम सहमति की दिशा में उत्साहजनक प्रगति” हुई है।
दुनिया की नजर अंतिम समझौते पर
महत्वपूर्ण मध्यस्थता प्रक्रिया फिलहाल दो मुख्य प्राथमिकताओं पर केंद्रित है— तत्काल तनाव को रोकना और क्षेत्रीय सीमाओं व समुद्री गलियारों में दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना। हालांकि शांति समझौते का ढांचा मजबूत दिखाई दे रहा है, लेकिन अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ईरान के समृद्ध यूरेनियम को सत्यापित तरीके से हटाने को लेकर अंतिम सहमति बन पाती है या नहीं।
(एएनआई)
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