ईरान का अमेरिका से बातचीत से इनकार, विदेश मंत्रालय ने कहा- अभी ध्यान रक्षा पर केंद्रित
तेहरान,(ईरान)। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव बढ़ने के बावजूद, ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का कोई इरादा नहीं है। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने दी।
खुद का बचाव करने पर ध्यान केंद्रित
बगाई ने जोर देकर कहा कि तेहरान फिलहाल अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों से खुद का बचाव करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसने कहा कि वह अब वाशिंगटन के साथ क्षेत्र में शत्रुता समाप्त करने के उद्देश्य से हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) से बंधा हुआ नहीं मानता है। प्रेस टीवी के अनुसार, बगाई ने कहा कि जब तक तेहरान के अनुसार, अमेरिका 17 जून के समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता रहेगा, तब तक ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटेगा।
वर्तमान में ईरान की बातचीत शुरू करने की कोई योजना नहीं
अमेरिका के इस बयान पर कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई तेहरान को फिर से वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर कर सकती है, बगाई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान में ईरान की बातचीत शुरू करने की कोई योजना नहीं है और उसका पूरा ध्यान अपनी रक्षा तैयारियों पर है। उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि अमेरिका ने शुरुआत से ही परमाणु समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं, जिसके चलते तेहरान को भी अपनी प्रतिबद्धताओं की समीक्षा करनी पड़ी।
अमेरिकी दबाव का विरोध करने के लिए व्यापक घरेलू समर्थन
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के भीतर अमेरिकी दबाव का विरोध करने के लिए व्यापक घरेलू समर्थन है और चेतावनी दी कि देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देंगी। बगाई ने कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमलावर को पूरी ताकत से जवाब देंगी। अगर वे हमला करते हैं, तो उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।” उनकी ये टिप्पणियां दक्षिणी ईरान के तटीय क्षेत्रों पर जारी अमेरिकी सैन्य हमलों के बीच आईं। वाशिंगटन का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने के लिए किया जा सकता है।
अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ा तनाव
ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है, कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन प्रबंधन की जिम्मेदारी दोनों देशों के बीच हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद 5 के तहत तेहरान को सौंपी गई है। हाल के दिनों में अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसमें ईरानी बुनियादी ढांचे और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाया गया था। ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। (एएनआई)
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