ईरान का अमेरिका को संदेश: सम्मान और बराबरी हो तो समझौता संभव
तेहरान (ईरान)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि अगर अमेरिका अपना 'सर्वसत्तावाद' छोड़ दे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौते का रास्ता निश्चित रूप से निकल सकता है। 'एक्स' पर अपने पोस्ट में पेज़ेशकियन ने कहा है- 'यदि अमेरिका 'सर्वसत्तावाद' छोड़ दे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे तो समझौता जरूर हो जाएगा। मैं बातचीत में शामिल सदस्यों, खासकर अपने प्रिय भाई डॉ. क्वालीवफ की प्रशंसा करता हूं। ईश्वर उन्हें शक्ति दे।'
नई कूटनीतिक वार्ताओं के बीच आया बयान
ईरान की यह टिप्पणी अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ नई कूटनीतिक वार्ताओं के बाद आई है। यह कूटनीतिक वार्ता इस्लामाबाद वार्ता के फ्रेमवर्क में ही हो रही है। इस बीच, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरमघदम ने इस वार्ता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कहा कि यह कूटनीतिक प्रक्रिया है, अनोखी घटना नहीं।
दबाव के बीच भी बातचीत की उम्मीद बरकरार
इस्लामाबाद वार्ता कोई घटना नहीं थी, बल्कि यह एक प्रक्रिया थी। इस इस्लामाबाद वार्ता ने ही कूटनीतिक प्रक्रिया की बुनियाद रखी। अगर विश्वास और इच्छा शक्ति मजबूत हुई तो सभी पक्षों के हित में टिकाऊ फ्रेमवर्क तैयार हो सकता है। यह बयान अमेरिका द्वारा अधिकतम दबाव की नीति के बीच वार्ता की संभावनाओं को लेकर सामने आया है।
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