बाहरी ताकतें अपनी रक्षा भी नहीं कर सकतीं', CENTCOM सुरक्षा बैठक पर ईरान का तीखा हमला
तेहरान [ईरान]: अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बहरीन में एक ऐतिहासिक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें सीरिया और लेबनान की अभूतपूर्व भागीदारी सहित 12 देशों के सैन्य नेताओं को एक साथ लाया गया। बहरीन रक्षा बल द्वारा आयोजित इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन का उद्देश्य मध्य पूर्व की एकीकृत हवाई रक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों को सुरक्षित करना था। हालांकि, अमेरिकी नेतृत्व वाली इस पहल की तेहरान ने तुरंत कड़ी निंदा की, जिससे इस अस्थिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरे भू-राजनीतिक मतभेद सामने आए।
अराघची ने अमेरिकी पहल को बताया असुरक्षा का कारण
मनामा में हुए इस सैन्य सम्मेलन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि पश्चिमी हस्तक्षेप पश्चिम एशिया में स्थिरता लाता है। एक्स पर पोस्ट करते हुए अराघची ने कहा कि स्थायी शांति केवल क्षेत्रीय देशों के सहयोग से ही संभव है, न कि पेंटागन की मौजूदगी से। अराघची ने कहा, "क्या CENTCOM ने हमारे क्षेत्र में सुरक्षा लाई है या असुरक्षा? इसका जवाब स्पष्ट है। हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं ने यह भी साबित कर दिया है कि बाहरी लोग स्वयं की रक्षा भी नहीं कर सकते। हमारे क्षेत्र में शांति तभी कायम रह सकती है, जब यह व्यापक और समावेशी हो तथा इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका न हो।"
ईरानी उप विदेश मंत्री ने भी साधा निशाना
इससे पहले, ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी बहरीन में अमेरिका के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन की कड़ी आलोचना की। X पर एक पोस्ट में ग़रीबाबादी ने सैन्य शिखर सम्मेलन की वैधता और क्षेत्र में अमेरिकी कमान संरचना के अधिकार दोनों को नकारते हुए कहा कि "होर्मुज ईरान की कमान के तहत परिभाषित है, न कि CENTCOM के तहत।" उन्होंने कहा कि बहरीन में आयोजित सैन्य शिखर सम्मेलन फारस की खाड़ी के लिए कानूनी व्यवस्था और सुरक्षा स्थापित नहीं कर सकता।
'क्षेत्रीय सुरक्षा का जिम्मा पड़ोसी देशों के हाथ में हो'
ईरानी राजनयिक ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति विदेशी सैन्य गठबंधनों से नहीं, बल्कि क्षेत्रीय देशों के सहयोग से सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा, "होर्मुज का नियंत्रण ईरान के अधीन है, न कि CENTCOM के। बहरीन में सैन्य शिखर सम्मेलन फारस की खाड़ी के लिए कानूनी व्यवस्था और सुरक्षा स्थापित नहीं कर सकता। क्षेत्र की सुरक्षा हस्तक्षेपों की समाप्ति, अमेरिका की वापसी, देशों की संप्रभुता के सम्मान और नई भू-राजनीतिक वास्तविकताओं की स्वीकृति से सुनिश्चित होगी, न कि अमेरिका के सैन्य संरक्षण में।"
CENTCOM ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
ईरानी अधिकारियों की ये टिप्पणियां अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) की उस घोषणा के बाद आईं, जिसमें कहा गया था कि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, लेबनान और सीरिया सहित एक दर्जन देशों के शीर्ष सैन्य नेता बहरीन में रणनीतिक जलमार्गों की सुरक्षा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए एकत्र हुए। बुधवार (स्थानीय समय) को बहरीन रक्षा बल की मेजबानी में आयोजित इस बैठक में CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के नेतृत्व में बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और यमन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा रही बैठक का मुख्य मुद्दा
बैठक का मुख्य फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के निर्बाध आवागमन की सुरक्षा और क्षेत्रीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना रहा। CENTCOM ने X पर पोस्ट कर कहा, "CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर और बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और यमन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और रक्षा सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्य के निर्बाध प्रवाह के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।"
(एएनआई)
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