हॉर्मुज व परमाणु मुद्दों पर और झुकने को तैयार नहीं ईरान
तेहरान (ईरान)। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका को दिए गए अपने नए प्रस्तावों में अब तेहरान के और अधिक झुकने की संभावना नहीं है। थिंक टैंक 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' (ISW) के एक अध्ययन में यह आकलन किया गया है। ISW के मुताबिक IRGC प्रमुख मेजर जनरल अहमद वाहिदी के कट्टरपंथी स्थिति अब तेहरान में सबसे प्रभावी दृष्टिकोण बन गई है। इस विश्लेषण में कहा गया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट और अपने परमाणु कार्यक्रम पर अपना नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहा है।
परमाणु वार्ता के लिए ईरानी नेताओं ने रखी नई शर्त
मुख्यधारा के ईरानी राजनेता अब इस निर्णय पर एकजुट हो रहे हैं कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी को हटा नहीं लेता, तब तक परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी। यह वही बात है जो वाहिदी की भी प्राथमिकता है। ISW का कहना है कि इस्लामी शासन के अन्य गुटों के भीतर वाहिदी का विरोध बहुत सीमित नजर आता है।
ओमान के साथ होर्मुज पर संप्रभुता स्थापित करने की योजना
विश्लेषण के अनुसार, ईरानी शासन संभवतः होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों से टोल (शुल्क) वसूलने की एक योजना में ओमान को शामिल करके, इस जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता स्थापित करने की अपनी योजना को वैधता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। इससे ईरान अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव पेश करने में सक्षम हो जाएगा और उसे अपनी किसी भी रेड लाइन के साथ कोई समझौता भी नहीं करना पड़ेगा।
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