अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने

ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी, 7 शर्तों पर ही बातचीत, ट्रंप ने दी हमले की धमकी

ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी

तेहरान: ईरान के टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर मोहसेन रेज़ाई ने चेतावनी दी है कि अगर देश पर हमला होता है, तो तेहरान नए हथियारों का इस्तेमाल करके किसी भी हमलावर को बहुत बुरी तरह मारेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ईरान की सात शर्तें पूरी होती हैं, तो डिप्लोमेसी का रास्ता खुला रहेगा। X पर शेयर की गई एक पोस्ट में रेज़ाई ने कहा, हमने बार-बार कहा है- ईरान द्वारा बताई गई सात शर्तें पूरी होनी चाहिए। अगर शर्तें पूरी होती हैं, तो डिप्लोमेसी का रास्ता खुल जाएगा। उन्होंने आगे चेतावनी दी, जवाब में अगर देश के खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता है, तो सुप्रीम लीडर के आज आर्म्ड फोर्सेस को दिए गए निर्देश के अनुसार, हम नए हथियारों का इस्तेमाल करके हमलावर को बहुत बुरी तरह मारेंगे।

ईरान की 7 शर्तें पूरी होने तक अमेरिका से बातचीत नहीं

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले रेज़ाई ने कहा था कि जब तक ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी और होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये शर्तें इस्लामाबाद बातचीत के फ्रेमवर्क से पूरी तरह अलग हैं। ईरान इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि शांति वार्ता शुरू होने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से पहले अमेरिका सात शर्तें पूरी करे। अल जज़ीरा के मुताबिक, रेज़ाई ने कहा कि तेहरान ने सितंबर में शर्तें रखी थीं, हालांकि उन्होंने उनमें से कुछ के बारे में ही बताया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बाद में मांगों के बारे में और जानकारी दी। शर्तों में जुलाई में इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के खत्म होने के बाद ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए बैन हटाना, इलाके में अमेरिकी मिलिट्री की मौजूदगी कम करना, MoU के हिस्से के तौर पर जून में दी गई तेल छूट को फिर से लागू करना, कतर में जमा ईरान के जमा किए गए फंड को जारी करना शामिल है।

होर्मुज के नए शिपिंग रूट की मांग

तेहरान ने ईरान और ओमान द्वारा तय किए गए होर्मुज स्ट्रेट में एक नए शिपिंग रूट को औपचारिक मान्यता देने और बाकी सभी रूट बंद करने की भी मांग की है। इसकी मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी शामिल है। खासकर लेबनान पर इज़राइल के हमले। रेज़ाई की यह नई चेतावनी वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत के संभावित फ्रेमवर्क पर डिप्लोमैटिक बातचीत के बीच आई है। इससे पहले रेज़ाई ने कहा था कि US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के भेजे एक लेटर में यूनाइटेड स्टेट्स ने पूरी तरह से टोन बदल दिया है, इस बदलाव को ईरान के लिए एक पॉजिटिव संकेत बताया। अल जज़ीरा के मुताबिक, रेज़ाई ने स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB से कहा, उनका टोन पूरी तरह से बदल गया है, जो एक अच्छा संकेत है जो दिखाता है कि हमारे लोगों ने अपनी जीत पक्की कर ली है। यह लेटर रविवार को कतरी मीडिएटर्स के ज़रिए रेज़ाई को दिया गया, जो ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी हैं। 

अमेरिका-ईरान बातचीत की उम्मीद तेज

द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस प्रपोज़ल में वेंस की लीडरशिप में सीधी बातचीत की बात कही गई थी, जिसमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम शुरू से ही चर्चा का हिस्सा था। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक सोर्स का हवाला देते हुए बताया कि कम्युनिकेशन में खास शांति शर्तों के बजाय बातचीत के लिए फ्रेमवर्क बताया गया था और इसे US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर भेजा गया था। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जज़ीरा को बताया कि तेहरान ने लेटर को पढ़ा है और बातचीत शुरू करने की वॉशिंगटन की कोशिश को "एक अच्छा कदम" बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सहयोगी मीडिएटर से सलाह-मशविरा करने के लिए दोहा गया था। सूत्रों के हवाले से अल जज़ीरा ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर मीटिंग हो सकती है, जिसमें दोहा या इस्तांबुल को संभावित जगहों के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि ईरान की मिलिट्री US या इज़राइल की किसी भी गलती का जवाब भौगोलिक रूप से बिना रोक-टोक देगी। 

ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम

खामेनेई ने कहा, अगर दुश्मन एक बार फिर मिलिट्री या टेररिस्ट हमले करते हैं, तो इस्लामिक रिपब्लिक और ईरानी देश की आर्म्ड फोर्स ही उनके खत्म होने का समय और हालात तय करेंगी। इस बीच ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि US ईरान की बची हुई न्यूक्लियर साइट्स को टारगेट कर सकता है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ऐसा ऑपरेशन 10 मिनट में कर सकता है। हैलोवीन इवेंट में ट्रंप ने कहा कि ईरान एक डील करना चाहता है और बातचीत ठीक चल रही है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान बहुत भरोसेमंद नहीं है, जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान के खिलाफ नए हमले का ऑर्डर देंगे तो ट्रंप ने इस सवाल को बेवकूफी भरा बताते हुए खारिज कर दिया और कहा, "मान लीजिए मैंने ऐसा किया, तो क्या मैं आपको बताऊंगा? मैं आपको नहीं बता सकता।" 

(इनपुट: ANI)

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