ईरान ने जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले मार्ग पर पकड़ और मजबूत की
हरान (ईरान]) । ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की पुष्टि करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है कि व्यापारिक और नौसैनिक दोनों प्रकार के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे में जहाजरानी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ईरानी मीडिया द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने घोषणा की, "होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन पूरी तरह से ईरान के इस्लामी गणराज्य के सशस्त्र बलों के अधिकार के तहत किया जाता है।"
निर्धारित मार्गों से ही यात्रा करनी होगी निर्धारित मार्गों से ही यात्रा करनी होगी
सैन्य कमान ने आगे जोर देते हुए कहा कि "सभी जहाजों, निर्धारित मार्गों से ही यात्रा करनी होगी को केवल निर्धारित मार्गों से ही यात्रा करनी होगी और इस्लामी क्रांतिकारी रक्षक कोर नौसेना से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इन नियमों का कोई भी उल्लंघन उनके यातायात की सुरक्षा को गंभीर रूप से खतरे में डाल देगा।" तेहरान ने क्षेत्र में तैनात अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक टुकड़ियों को भी चेतावनी दी है कि जहाजरानी प्रशासन या पोत यातायात में किसी भी प्रकार की बाधा का तुरंत जवाबी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी कतर द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी प्रकार के स्थायी समुद्री शुल्क लागू करने के विरोध में अपने रुख को दोहराने के साथ ही आई है।
अनिश्चितकालीन टैरिफ ढांचे के खिलाफ हैं ः कतर
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला संवाद सुरक्षा शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने इस बात की पुष्टि की कि दोहा और उसके क्षेत्रीय सहयोगी अनिश्चितकालीन टैरिफ ढांचे के खिलाफ हैं। शिखर सम्मेलन के दौरान शेख सऊद ने कहा, "कतर और खाड़ी के साझेदारों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शुल्क लगाने से हमेशा उपभोक्ता प्रभावित होगा, इसलिए हम इसके खिलाफ हैं।"
मंत्री बोले, बातचीत की जा सकती है ...