ईरान-अमेरिका तनाव: IRGC का दावा, जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें
तेहरान,(ईरान)। पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। IRGC का दावा है कि उसने उत्तरी जॉर्डन में स्थित अमेरिकी अल-अज़राक हवाई अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान इस एयरबेस को पश्चिम एशिया में अमेरिका का "कमांड और कंट्रोल सेंटर" मानता है।
अमेरिका के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरानी सरकारी प्रसारक (IRIB) के अनुसार, यह हमला अमेरिका के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई का "दूसरा चरण" है। IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने दोबारा कोई आक्रामक कदम उठाया, तो क्षेत्र में मौजूद उसके अन्य सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।
जॉर्डन में सायरन और मिसाइल डिफेंस अलर्ट
जॉर्डन सरकार ने पुष्टि की है कि ईरानी मिसाइलों के उनके हवाई क्षेत्र (Airspace) में प्रवेश करने के बाद देश में हवाई हमले के सायरन बजाए गए। जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी के मुताबिक, मिसाइलों को जॉर्डन की रक्षा प्रणाली द्वारा बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। जॉर्डन के सशस्त्र बल हाई अलर्ट पर हैं और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
कार्रवाई का पहला चरण: कुवैत और बहरीन पर हमले
इससे पहले, IRGC ने अपनी दंडात्मक कार्रवाई के "पहले चरण" के तहत कुवैत और बहरीन में स्थित चार अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी हवाई हमले
यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को ईरान पर अतिरिक्त हवाई हमले किए। अमेरिका का कहना था कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने और ईरान की हमलावर क्षमता को कमजोर करने के लिए किए गए थे।
ईरान में नुकसान:
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर चाबहार में बिजली ठप हो गई, जबकि बुशहर शहर से भी बड़े धमाकों की खबरें सामने आई हैं। ईरान ने इन अमेरिकी हमलों को "अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन" करार दिया है। (एएनआई)
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