CBO की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया में ईरान के

ईरान संघर्ष पर अमेरिका का खर्च 38 अरब डॉलर, हिंसा बढ़ी तो हर महीने 3 अरब डॉलर तक लागत

Representative Image (File Photo)

वाशिंगटन (अमेरिका)। पश्चिम एशिया में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण 1 अगस्त, 2026 तक अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) को लगभग 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च उठाना पड़ा है। यह जानकारी कांग्रेस के बजट कार्यालय (CBO) की हालिया रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर लड़ाई की तीव्रता जुलाई के स्तर तक बढ़ जाती है, तो मासिक खर्च 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ सकता है।

CBO रिपोर्ट और लागत की चार श्रेणियां

अमेरिकी कांग्रेस के लिए बजट और आर्थिक विश्लेषण करने वाली एक निष्पक्ष एजेंसी, CBO ने "ईरान के खिलाफ युद्ध अभियानों की लागत का अनुमान" (Estimating the Cost of Combat Operations Against Iran) शीर्षक से अपनी रिपोर्ट जारी की है। एजेंसी ने संघर्ष से जुड़ी चार श्रेणियों की जांच की: DoD की ऑपरेशनल, लॉजिस्टिकल और सस्टेनमेंट लागत; अवसर लागत (opportunity costs); रुकावटों और बढ़ी हुई कीमतों से होने वाली आर्थिक लागत और संभावित अतिरिक्त लागत, जिसमें राजनयिक अभियान और विदेशी सहायता शामिल हैं।

गोला-बारूद और ईंधन पर बढ़ा खर्च

CBO ने कहा कि अनुमानित 38 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत में से एक बड़ा हिस्सा युद्ध में नष्ट हुए गोला-बारूद और उपकरणों को बदलने, उड़ान के घंटों में वृद्धि, अन्य सैन्य अभियानों और ईंधन की बढ़ती लागत को दर्शाता है। एजेंसी ने बताया कि संघर्ष का शुरुआती तीव्र चरण एक महीने से कुछ अधिक समय तक चला, जबकि कम तीव्रता वाले युद्ध अभियान जारी रहे।

हिंसा बढ़ने पर हर महीने बढ़ेगा खर्च

रिपोर्ट में कहा गया है, "जैसे-जैसे संघर्ष जारी रहेगा, DoD की लागत बढ़ती रहेगी- अगर हिंसा का स्तर कम और छिटपुट रहता है (जैसा कि मई और जून में था) तो धीरे-धीरे, और अगर संघर्ष की तीव्रता बढ़ती है (जैसा कि जुलाई में हुआ था) तो तेजी से।" एजेंसी के मुताबिक, अगर हिंसा मई और जून के स्तर पर बनी रहती है, तो संघर्ष के एक अतिरिक्त महीने की लागत लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगी। हालांकि, अगर तीव्रता जुलाई में अनुभव किए गए स्तर तक बढ़ जाती है, तो मासिक लागत 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगी। CBO ने आगे कहा, "अगर हिंसा और बढ़ती है तो मासिक लागत और भी अधिक हो सकती है।"

सरकारी डेटा के आधार पर तैयार हुई रिपोर्ट

CBO की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसका अनुमान सरकारी डेटाबेस और सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित था क्योंकि रक्षा विभाग ने जानकारी के लिए किए गए अनुरोधों का जवाब नहीं दिया था। इसलिए एजेंसी ने चेतावनी दी कि उसके अनुमानों में "काफी अनिश्चितता" हो सकती है। आकलन में संघर्ष के व्यापक बजटीय प्रभावों की ओर भी इशारा किया गया।

रक्षा बजट और अतिरिक्त आवंटन की मांग

CBO ने बताया कि प्रशासन ने जून में अतिरिक्त आवंटन (सप्लीमेंटल एप्रोप्रिएशन) के तौर पर 87.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग की थी, जिसमें DoD के लिए 67.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल थे। CBO के अनुसार, अनुरोध का जो हिस्सा सीधे तौर पर संघर्ष से जुड़ा हुआ लग रहा था (42.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर), वह DoD (रक्षा विभाग) के खर्चों के उनके अनुमान से लगभग 10 प्रतिशत अधिक था।

मिसाइल डिफेंस और शिपिंग पर असर

प्रत्यक्ष सैन्य खर्च के अलावा, CBO ने मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर पर होने वाले बड़े खर्च को DoD के लिए अब तक का मुख्य 'अपॉर्चुनिटी कॉस्ट' (वैकल्पिक लागत) माना है। एजेंसी का कहना है कि इससे अमेरिका के पास कई सालों तक इंटरसेप्टर का स्टॉक कम रहेगा। इस संघर्ष के कारण सैन्य खर्च के अलावा आर्थिक असर भी पड़े हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल और प्राकृतिक गैस की शिपमेंट और लाल सागर (Red Sea) से होने वाली शिपिंग में रुकावटों की वजह से।

ऊर्जा कीमतों से बढ़ी वैश्विक महंगाई

CBO ने कहा कि इन रुकावटों से वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं और कच्चे तेल के साथ-साथ रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों (जैसे गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन) की कीमतों पर भी असर पड़ा है। ऊर्जा की ऊंची कीमतों से उपभोक्ता कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की उम्मीद है। CBO का अनुमान है कि 2027 की पहली तिमाही में पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स में महंगाई दर, एजेंसी के फरवरी 2026 के अनुमान से 0.5 प्रतिशत अंक ज़्यादा होगी, जबकि कोर PCE महंगाई दर 0.3 प्रतिशत अंक अधिक होगी।

महंगाई और ट्रेजरी ब्याज दरों पर प्रभाव

एजेंसी ने यह भी अनुमान लगाया कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने 2026 की दूसरी तिमाही में कुल PCE महंगाई दर की सालाना दर में 2.3 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की थी, जब PCE महंगाई दर 5.3 प्रतिशत थी। CBO का कहना है कि संघर्ष से जुड़ी उच्च महंगाई दर का असर अमेरिकी ट्रेजरी ब्याज दरों पर भी पड़ेगा और उन्हें ऊपर की ओर धकेलेगा। एजेंसी का अनुमान है कि तीन महीने के ट्रेजरी बिल की दरें 2026 में फरवरी के अनुमान से लगभग 0.2 प्रतिशत अंक अधिक होंगी, जबकि 2027 की पहली छमाही तक ये पहले के अनुमान से 0.1 प्रतिशत अंक से भी कम होंगी।

राजनयिक लागत और अनिश्चितता का अनुमान

CBO ने कहा कि वह राजनयिक अभियानों और विदेशी सहायता से जुड़ी संभावित अतिरिक्त लागतों का अनुमान नहीं लगा सकता, क्योंकि ऐसी लागतें संघर्ष के परिणाम पर निर्भर करेंगी और वे व्यापक रूप से बिखरी हुई (या diffuse) होंगी। यह आकलन पश्चिम एशिया में फैली व्यापक अस्थिरता के बीच आया है, जहां संघर्ष का असर सैन्य अभियानों, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री शिपिंग मार्गों पर पड़ रहा है। CBO ने गौर किया कि लाल सागर से शिपिंग में रुकावटें तब और बढ़ गई हैं, जब उसने अपने आकलन का आधार बनने वाला विश्लेषण पूरा कर लिया था। एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी कि लागत की अलग-अलग श्रेणियों के लिए उसके अनुमान अलग-अलग डेटा, तरीकों, समय-सीमाओं और अनिश्चितता के स्तरों पर आधारित थे, और इसलिए उनकी सीधे तौर पर तुलना नहीं की जा सकती है और न ही उन्हें आपस में जोड़ा जा सकता है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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