ईरान ने अमेरिकी कूटनीति पर साधा निशाना, ग़ालिबफ़ बोले- धमकी और फर्जी खबरें असफल रणनीति
तेहरान (ईरान)। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने गुरुवार को अमेरिका पर निशाना साधते हुए वाशिंगटन पर नाटकीय कूटनीति का आरोप लगाया और कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच धमकी, टूटे वादे और फर्जी खबरों का इस्तेमाल एक विफल रणनीति साबित हुई है। ग़ालिबफ़ ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "बड़ा हमला होने वाला है। वे बातचीत करना चाहते हैं। यह तो बस एक तरह की नाटकीय कूटनीति है। धमकी, टूटे वादे और फर्जी खबरों का इस्तेमाल एक विफल रणनीति है। तथ्यों को स्वीकार कीजिए और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कीजिए। हमें और नाटक की ज़रूरत नहीं है।"
हर दिन दुश्मन की शक्ति में गिरावट
तेहरान और वाशिंगटन के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और चल रही राजनयिक बातचीत को लेकर बढ़ते विरोधाभासी दावों के बीच उनके ये बयान आए हैं। गुरुवार को ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न-ए-रेज़ा ने कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी बाहरी खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान की सैन्य शक्ति उसके स्वदेशी रक्षा उद्योग पर आधारित है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने इब्न-ए-रेज़ा के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा, "हर दिन दुश्मन की शक्ति में गिरावट के संकेत और स्पष्ट होते जा रहे हैं; हालांकि, देश के रक्षा उद्योग पर निर्भर हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हैं।"
होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द नहीं खोला तो ईरान को होगा नुकसान
उन्होंने आगे चेतावनी दी, कि सैन्य श्रेष्ठता के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर देशों को जल्द ही एहसास होगा कि ईरान की घरेलू स्तर पर विकसित रक्षा तकनीक क्षेत्रीय सैन्य हार्डवेयर से कहीं बेहतर है। ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस चेतावनी के बाद आए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को बहुत जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को बहुत भारी नुकसान होगा। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के निर्यात के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
अमेरिका और ईरान मे चल रही बात
ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी अधिकारियों के साथ बहुत अच्छी बातचीत कर रहा है और संकेत दिया कि दोनों पक्ष इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया था और कहा कि इसमें महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को तुरंत खारिज कर दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि तेहरान "फिलहाल संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है," और कहा कि देश की राजनयिक टीम तेहरान में ही है, सिवाय विदेश मंत्री अब्बास अराघची के, जो इराक में तीर्थयात्रा पर हैं।
ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ईरान के नेतृत्व को विभाजित बताया और कहा कि बातचीत अस्त-व्यस्त होगी और इसमें कुछ समय लगेगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में वैंस ने कहा कि वाशिंगटन अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सैन्य, आर्थिक और राजनयिक साधनों का उपयोग करना जारी रखेगा, साथ ही यह भी कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। (इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ेंः सीरिया के जरामाना में मिनीबस में विस्फोट, 2 की मौत, 13 घायल