समझौते के बावजूद परमाणु खतरा होने पर ईरान पर दोबारा हमला कर सकता है इजरायल : स्टीनबर्ग
यरूशलेम: यरूशलेम सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड फॉरेन अफेयर्स (JCFA) के CEO सागीव स्टीनबर्ग ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान, अमेरिका-ईरान समझौते के बावजूद अपना परमाणु कार्यक्रम या बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताएं विकसित करता है, तो ईरान के खिलाफ इजरायल नए सैन्य हमले कर सकता है।
इजरायल को बाध्य नहीं करता ये समझौता- स्टीनबर्ग
स्टीनबर्ग ने कहा कि यह समझौता इजरायल को बाध्य नहीं करता है। ये भी संभव है कि ये उसकी मुख्य सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह से हल न कर पाए।
ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल प्रतिबद्ध
स्टीनबर्ग ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल प्रतिबद्ध है। अगर उसे इस्लामिक गणराज्य से नए खतरे का पता चलता है, तो वह स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।
अमेरिका के साथ नहीं देने पर भी हमला कर सकता है इजरायल
स्टीनबर्ग ने कहा कि ''अगर इजरायल को फिर से दिखता है कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइल उद्योग या परमाणु क्षमता को फिर से विकसित कर रहा है, तो समस्या होगी। ईरान पर इजरायल एक बार फिर हमला करेगा, भले ही अमेरिका साथ न हो।''
अमेरिका के करीबी सहयोगियों में से एक है इजरायल- स्टीनबर्ग
स्टीनबर्ग का ये बयान अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते पर हो रही चर्चाओं के बीच आई हैं। स्टीनबर्ग ने इजरायल के लिए ट्रंप के मजबूत समर्थन को स्वीकार किया और उन्हें देश के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बताया।
समझौते पर अमेरिका-इजरायल के बीच चर्चा जारी रहने की संभावना
उन्होंने कहा कि ''ट्रंप, इजरायल के सबसे बड़े सहयोगी हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने साथ मिलकर युद्ध शुरू किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहयोगियों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है। साथ ही कहा कि समझौते पर वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच चर्चा जारी रहने की संभावना है।
ईरान के मिलिट्री क्षमता बढ़ाने पर हो सकता है टकराव
स्तीनबर्ग ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह समझौता इजरायल और ईरान के बीच टकराव का अंत है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर तेहरान अपनी मिलिट्री क्षमताएं फिर से विकसित करता दिखा, तो बार-बार टकराव हो सकता है।