इजरायल में राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए विपक्ष

इजरायल में राजनीतिक गतिरोध खत्म करने की तैयारी, प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव के लिए विधेयक लाने पर विचार

Israel Opposition Considers Bill for Direct Election of Prime Minister Amid Deadlock

यरूशलेम (इजरायल)। इजरायल में राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव कराने से जुड़ा कानून लाने पर विचार किया जा रहा है। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा विपक्षी गुट में शामिल पार्टियां इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही हैं। इसका उद्देश्य अरब पार्टियों के समर्थन के बिना अल्पमत सरकार बनाने का रास्ता तैयार करना है। प्रस्ताव के तहत मतदाता संसद के चुनाव से अलग सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव कर सकेंगे।

120 सदस्यीय नेसेट में किसी भी गुट को नहीं मिला बहुमत

रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को हुए चुनाव के बाद इजरायल में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट और विपक्ष, दोनों में से किसी को भी 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) में बहुमत नहीं मिला। ऐसे में सरकार गठन को लेकर नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव का प्रस्ताव इसी राजनीतिक संकट से बाहर निकलने की एक कोशिश माना जा रहा है।

सीधे चुनाव के बाद अल्पमत सरकार बनाने का प्रस्ताव

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मतदाता प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को सीधे चुन सकेंगे। इस चुनाव में जीत हासिल करने वाला उम्मीदवार नेसेट में बहुमत के बिना भी अल्पमत सरकार बना सकेगा। मौजूदा विपक्षी दलों का यह प्रस्ताव राजनीतिक गतिरोध खत्म करने और सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लाया जा सकता है।

नेतन्याहू भी 2021 में पेश कर चुके हैं ऐसा प्रस्ताव

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2021 में हुए अनिर्णायक चुनाव के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पेश किया था। उस समय नेतन्याहू गठबंधन सरकार बनाने में विफल रहे थे। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव की व्यवस्था का सुझाव दिया था। अब मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी गुट भी इसी तरह के विकल्प पर विचार कर रहा है।

कानून में संशोधन के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी

इजरायल के अर्ध-संवैधानिक 'बेसिक लॉ: द गवर्नमेंट' के तहत किसी भी नई सरकार को शपथ लेने से पहले 120 सदस्यीय नेसेट में विश्वास मत हासिल करना अनिवार्य है। ऐसे में प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव की व्यवस्था लागू करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करना होगा। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संशोधन को पारित कराने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। (Source: ANI)

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