विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो दिवसीय मॉस्को यात्रा

मॉस्को में जयशंकर-पुतिन की अहम मुलाकात, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार

Russian President Vladimir Putin with External Affairs Minister S Jaishankar

मॉस्को (रूस)। मॉस्को में द्विपक्षीय कूटनीति का बड़ा दौर शुरू हो चुका है। अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रूस पहुंचे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह उच्चस्तरीय बैठक दोनों देशों के बीच समय-परीक्षित और मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों को और अधिक गति देने के उद्देश्य से बेहद अहम मानी जा रही है।

भारत-रूस आयोग के 27वें सत्र पर खास फोकस

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा रूसी संघ के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के निमंत्रण पर हो रहा है। मॉस्को प्रवास के दौरान विदेश मंत्री भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता भी कर रहे हैं। इस आयोग के जरिए व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं। बता दें कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 23 से 24 अगस्त तक रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।

लावरोव से मुलाकात में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

क्रेमलिन में हुई इस बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। विदेश मंत्री जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने समकालीन भू-राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी साझा रणनीतिक दृष्टि साझा की।

दो दशक से मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी

भारत और रूस के बीच साझेदारी के आयामों को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर 2000 में 'भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी घोषणा' पर हस्ताक्षर होने के बाद से दोनों देशों के संबंध एक गुणात्मक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा से लेकर कूटनीतिक मोर्चे पर दोनों देशों का तालमेल दुनिया के लिए एक मिसाल रहा है।

बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर भारत-रूस की साझा सोच

वर्तमान वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत और रूस का यह गठबंधन दुनिया के सबसे स्थिर संबंधों में से एक है। दोनों देश एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता साझा करते हैं, जो आने वाले समय में वैश्विक कूटनीति और व्यापारिक समीकरणों को एक नई दिशा देगा। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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