आंग सान सू की के बेटे ने नजरबंदी के दावों पर म्यांमार की सैन्य सरकार को दी चुनौती, 'मां के जीवित होने का सबूत पेश करो'
लंदन: म्यांमार की जेल में बंद लोकतंत्र समर्थक और नोबेल पुरस्कार विजेता नेता आंग सान सू की के छोटे बेटे किम एरिस ने देश की सैन्य सरकार के दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लंदन में 'क्योडो न्यूज' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में किम एरिस ने सैन्य नेतृत्व को चुनौती देते हुए मांग की है कि सरकार उनकी 80 वर्षीय मां के जीवित होने का ठोस और वास्तविक सबूत दुनिया के सामने पेश करें।
नजरबंदी और सजा कम होने के दावों पर गहरा संदेह
दरअसल, म्यांमार की सैन्य सरकार ने अप्रैल में दावा किया था कि सू की की सजा को करीब 17 साल कम कर दिया गया है और उन्हें जेल से शिफ्ट करके घर में नजरबंद कर दिया गया है। इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए लंदन में रह रहे 48 वर्षीय एरिस ने कहा कि मां के किसी आवासीय परिसर में होने का 'कोई सबूत' नहीं है। उनका मानना है कि सू की को अब भी राजधानी नेप्यीडॉ की एक जेल में ही रखा गया है, जहां का माहौल बेहद भयानक है।
2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से हिरासत में
1991 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को फरवरी 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से हिरासत में रखा गया है, जिसने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता से हटा दिया था। सैन्य-शासित शासन के खिलाफ प्रतिरोध का नेतृत्व करते हुए सू की ने 1989 और 2010 के बीच कई बार नजरबंदी झेली। सू की 2016 में देश की वास्तविक नेता बनीं, जब उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने संसदीय चुनावों में जीत हासिल की, लेकिन 2021 के तख्तापलट में उन्हें पद से हटा कर गिरफ्तार कर लिया गया।
हार्ट पेशेंट हैं सू की, दो साल से कोई संपर्क नहीं
अपनी मां की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए एरिस ने खुलासा किया कि एक पूर्व कैदी से मिली जानकारी के मुताबिक सू की की हालत लगातार बिगड़ रही है। वह वर्तमान में हृदय रोग और उम्र संबंधी ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित हैं। एरिस ने बताया कि अपनी मां से उनका आखिरी सीधा संपर्क भी दो साल पहले एक पत्र के जरिए हुआ था, उसके बाद से वे पूरी तरह अलग-थलग हैं।
मां के लिए पूरा किया 81 किलोमीटर का स्केटबोर्ड मैराथन
लंदन में ब्रिटिश शिक्षाविद पिता के पास पले-बढ़े एरिस ने बताया कि वे कभी भी एक सार्वजनिक हस्ती नहीं बनना चाहते थे, लेकिन म्यांमार में हुए तख्तापलट ने उन्हें अपनी मां के हक के लिए खड़े होने पर मजबूर कर दिया। हाल ही में जून में अपनी मां के 81वें जन्मदिन के मौके पर उन्होंने वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए 81 किलोमीटर की बेहद कठिन 'स्केटबोर्ड मैराथन' पूरी की थी।
वैश्विक समुदाय से सैन्य सरकार पर दबाव बनाने की अपील
म्यांमार में सेना और लोकतंत्र समर्थकों के बीच जारी गृहयुद्ध के बीच एरिस वर्तमान में जापान सहित कई देशों के राजनयिक अभियानों पर हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सरकारों से म्यांमार के सैन्य नेतृत्व पर कड़ा आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि म्यांमार की सेना को मिलने वाली विमानन ईंधन की आपूर्ति को तुरंत रोका जाए, ताकि वे अपने ही नागरिकों पर निरंतर हवाई बमबारी न कर सकें।