पाकिस्तान में मानवाधिकार वकील ईमान मजारी और पति गिरफ्तार, वकीलों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में मानवाधिकारों की आवाज़ उठाने वाली मशहूर वकील ईमान जैनब मजारी-हाजिर और उनके अधिवक्ता पति हादी अली चत्था को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी तब हुई जब वे विवादास्पद ट्वीट से जुड़े मामले में पेशी के लिए इस्लामाबाद जा रहे थे। इस घटना के बाद वकीलों ने सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोर्ट की दहलीज से पहले ही दबोचा
ईमान और उनके पति हादी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश होने के लिए जा रहे थे। न्यायाधीश मोहम्मद अफजल माजोका ने 16 जनवरी को दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ईमान और हादी को गिरफ्तारी से बचने के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (आईएचसीबीए) के अध्यक्ष वाजिद अली गिलानी के कार्यालय में लगातार दो रातें बितानी पड़ी। जब से शुक्रवार को कोर्ट में पशी के लिए निकले तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मां शिरीन मजारी ने लगाया हिंसा का आरोप
ईमान की मां और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार में मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने सोशल मीडिया पर बेटी और दामाद की गिरफ्तार की पुष्टि की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि, "फासीवाद चरम पर है। सत्ता में बैठे कायर पुरुष इस उपलब्धि से बहुत खुश होंगे!" उन्होंने कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें पुलिस के वाहनों को ईमान और हादी की कार का पीछा करते हुए तथा अधिकारियों को कार को रोककर उसके दरवाजे खोलते हुए देखा जा सकता है।
अदालत में पेशी के लिए जाते समय दंपति को किया गिरफ्तार
शिरीन ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि पुलिस ने 'बार के सदस्यों के साथ हिंसा की, जिसमें कार की खिड़कियां तोड़ना आदि शामिल है। ऐसा लगता है कि पुलिस कर्मियों ने ईमान और हादी के साथ भी हिंसा की।' गिरफ्तारी के समय ईमान के साथ मौजूद गिलानी ने दावा किया कि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि अदालत में पेशी के लिए जाते समय दंपति को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
वकीलों में आक्रोश, आंदोलन की दी चेतावनी
आईएचसीबीए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दंपति के साथ हिंसा की और वाहनों की खिड़कियां तोड़ दीं जिससे ईमान और हादी को कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने (आईएचसीबीए) सचिव मंजूर जज्जा को भी धक्का दिया और उनके साथ भी हिंसा की। आईएचसीबीए, इस्लामाबाद बार एसोसिएशन (आईबीए) और इस्लामाबाद बार काउंसिल (आईबीसी) ने अलग-अलग बयान जारी कर ईमान और हादी की गिरफ्तारी की निंदा की। आईएचसीबीए और आईबीए ने शुक्रवार को हड़ताल की घोषणा किया। वहीं, आईबीसी ने वकीलों से शनिवार को हड़ताल करने का आह्वान किया है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि दंपति के खिलाफ एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा यह मामला इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) में 12 अगस्त 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। उन पर पिछले साल 30 अक्टूबर को इस मामले में आरोप तय किए गए थे। एनसीसीआईए में दर्ज शिकायत में ईमान पर 'शत्रुतापूर्ण आतंकवादी समूहों और प्रतिबंधित संगठनों से मेल खाने वाले विमर्श का प्रचार करने', जबकि उनके पति पर उनके कुछ पोस्ट को दोबारा पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है।