अमेरिकी सेना में गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला, 50 अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ
वॉशिंगटन डीसी: न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस मामले से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी सरकार के जांचकर्ताओं ने मीडिया को लीक हुई जानकारियों की जांच के तहत सेना के संयुक्त स्टाफ के लगभग 50 सदस्यों का पॉलीग्राफ परीक्षण किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, यह जांच पेंटागन द्वारा उठाया गया एक असाधारण कदम है, जिसमें जांचकर्ता संयुक्त स्टाफ के सैन्य अधिकारियों और नागरिक कर्मचारियों से पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने प्रेस के सदस्यों को गोपनीय जानकारी दी थी और क्या उन्होंने अमेरिकी गोला-बारूद भंडारों में कमी के बारे में जानकारी शेयर की थी।
पेंटागन में लीक रोकने के लिए अधिकारियों के पॉलीग्राफ टेस्ट
पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर सहित प्रमुख हथियारों की कमी का विवरण देने वाली कई समाचार रिपोर्टों के बाद अगस्त में पॉलीग्राफ परीक्षण किए गए थे। इस प्रयास से परिचित लोगों ने बताया कि यह कदम न केवल उन व्यक्तियों की पहचान करने के लिए उठाया गया प्रतीत होता है, जिन्होंने जानकारी लीक की हो सकती है, बल्कि दूसरों को भी मीडिया को जानकारी देने से रोकने के लिए है। संयुक्त स्टाफ में 1,500 से 2,000 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं।
पेंटागन ने लीक को बताया गंभीर मामला
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि विभाग आंतरिक कार्मिक या जांच संबंधी मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगा, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि वह गोपनीय सूचनाओं के लीक होने को गंभीरता से लेता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, हम आंतरिक कार्मिक या जांच संबंधी मामलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गोपनीय सूचनाओं के सभी लीक को अत्यंत गंभीरता से लेते हैं और तदनुसार जांच करते हैं।
गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा जरूरी
पार्नेल ने आगे कहा, गोपनीय सूचनाओं को सुरक्षित रखना संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में तैनात हमारे सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जांच का पैमाना इसलिए ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य कर्मियों का बड़े पैमाने पर पॉलीग्राफ परीक्षण आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया है।
ईरान युद्ध की रिपोर्टों पर ट्रंप सख्त
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच कई समाचार संगठनों की उन रिपोर्टों के बीच हो रही है जिनमें विस्तार से बताया गया है कि ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिकी गोला-बारूद भंडारों को कैसे प्रभावित किया है, साथ ही प्रशासन के भीतर संघर्ष की रणनीतिक दिशा को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रशासन के अधिकारियों पर जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव डाला है। ट्रम्प ने इससे पहले ईरान युद्ध में अमेरिकी रवैये और गोला-बारूद की कथित कमी की आलोचना करने वाली मीडिया कवरेज को "देशद्रोह" करार दिया था।
लीक जांच से पेंटागन में बढ़ा अविश्वास
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, मौजूदा और पूर्व अधिकारियों का कहना है कि लीक की जांच से पेंटागन के अंदर अविश्वास का माहौल बन गया है। उन्होंने इस माहौल के लिए आंशिक रूप से अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को जिम्मेदार ठहराया। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हेगसेथ अपने वफादारों के एक करीबी समूह के साथ काम करते हुए अपने कार्यकाल के दौरान कम से कम 80 जनरलों, एडमिरलों और अन्य अधिकारियों के प्रमोशन को रोक या उन्हें पद से हटा दिया है। हेगसेथ के नेतृत्व पर खबरों के बाद पेंटागन ने पिछले साल की शुरुआत से ही कई लीक की जांच की है।
हेगसेथ पर मीडिया पहुंच सीमित करने के आरोप
हेगसेथ को पिछले साल सिग्नल ग्रुप में यमन में हुए हमलों के बारे में संवेदनशील जानकारी शेयर करने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 5 मई के बाद से ईरान में अमेरिकी युद्ध के बारे में पेंटागन प्रेस कोर को कोई जानकारी नहीं दी है और मीडिया की पेंटागन तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश की है। पिछले महीने अमेरिकी युद्ध विभाग ने अमेरिकी सेना को कवर करने वाले सरकारी वित्त पोषित समाचार संगठन स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के प्रकाशक और प्रधान संपादक को बर्खास्त कर दिया। मीडिया ने कहा कि यह कदम यूएसएस अब्राहम लिंकन पर बिगड़ती स्थितियों पर उनकी रिपोर्टिंग के बदले में उठाया गया था।
(इनपुट: ANI)
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