फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों पर मैक्रोन सख्त, पेरिस में संकट इकाई सक्रिय
पेरिस (फ्रांस): फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने देशभर में जारी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से छात्रों की ओर से किए जा रहे हैं, जो पिछले कुछ हफ्तों से स्कूलों की खराब स्थिति और पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। इस दौरान हुई तोड़फोड़ और लूटपाट को लेकर मैक्रोन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है। वहीं, बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पेरिस में आपातकालीन संकट इकाई सक्रिय कर दी गई है।
मैक्रोन ने कहा- हिंसा करने वालों पर होगी कार्रवाई
फेसबुक पर एक पोस्ट में मैक्रोन ने तोड़फोड़ और लूटपाट में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने हिंसा करने वालों को 'अराजकता फैलाने वाला' बताते हुए कहा कि देश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने लिखा, "हमारे गणतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। जिन्होंने भी तोड़फोड़ की है, प्रांतों और व्यवसायों पर हमला किया है, यहां तक कि हमारे नगर निगमों को भी लूटा है, उन पर मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें दंडित किया जाएगा। प्रदर्शन के अधिकार के संरक्षक, कानून प्रवर्तन बलों के प्रति मैं राष्ट्र का समर्थन व्यक्त करता हूं। हम सभी अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे, जो केवल हमारी संस्थाओं को गिराना चाहते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को व्यक्त करने वालों को ऐसा करने से रोकना चाहते हैं।"
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने भी हिंसा की निंदा की
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने भी बढ़ती अशांति की निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन आगजनी, लूटपाट और सार्वजनिक व निजी संपत्ति पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। लेकोर्नू ने हिंसा के लिए 'अति वामपंथी समूहों' और अवसरवादी दंगाइयों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस के कई शहरों में हिंसा सुनियोजित तरीके से की गई। X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "आज अति वामपंथी समूहों ने कई फ्रांसीसी शहरों में हिंसा को अंजाम दिया है; अपराधियों ने लूटपाट और तोड़फोड़ में हिस्सा लिया है।"
पुलिस के समर्थन में उतरे प्रधानमंत्री
आगामी चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच लेकोर्नू ने पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पुलिस पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिसकर्मियों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हिंसा का सामना किया है। उन्होंने कहा, "ऐसे समय में जब कुछ लोग हमारे कानून प्रवर्तन बलों पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, मैं फ्रांसीसी लोगों से कहना चाहता हूं कि वे अपने पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर गर्व कर सकते हैं। उन्होंने हमारे साथी नागरिकों की रक्षा के लिए अत्यधिक हिंसा का सामना किया है, और वे हमारे सभी समर्थन के पात्र हैं।"
चुनाव से पहले हिंसा के जरिए दबाव बनाने की कोशिश पर चेतावनी
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने उन लोगों को भी चेतावनी दी, जो राष्ट्रपति चुनाव से पहले हिंसक घटनाओं के जरिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग राष्ट्रपति चुनाव से पहले हिंसा की इन घटनाओं को 'वार्म-अप' के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनसे मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं: हम डरेंगे नहीं। कोई भी हिंसा के जरिए अपना राजनीतिक एजेंडा नहीं थोप सकता।" उन्होंने आगे कहा कि कानून प्रवर्तन कर्मियों को हिंसा रोकने, लोगों और संपत्ति की रक्षा करने, दोषियों को गिरफ्तार करने और उन्हें अदालत के सामने पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई कराने की तैयारी
लेकोर्नू ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को आर्थिक रूप से जवाबदेह ठहराने के लिए विधायी प्रयासों का भी संकेत दिया। उन्होंने विवादास्पद 'क्षतिपूर्ति विधेयक' का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल उपद्रवियों की ओर से किए गए नुकसान की मरम्मत के बजाय सार्वजनिक सेवाओं के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम 'क्षतिपूर्ति विधेयक' पर पूरी बहस देखेंगे। सार्वजनिक धन सीमित है: इसका उपयोग हमारी सार्वजनिक सेवाओं के लिए होना चाहिए, न कि उपद्रवियों द्वारा किए गए विनाश की मरम्मत के लिए। लागत वहन करना उन्हीं की जिम्मेदारी है।"
पेरिस में आपातकालीन संकट इकाई सक्रिय
इस बीच, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने पुष्टि की कि राजधानी पेरिस में अस्थिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपाय लागू कर दिए गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में जारी प्रदर्शनों के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
(एएनआई)
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