'मोदी विरोध पर मैरी मिलबेन ने जोहरान ममदानी को घेरा, कहा- अपनी रैली करो'
वॉशिंगटन डीसी [अमेरिका]। अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने आगामी मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी) कार्यक्रम का विरोध कर रहे आलोचकों पर तीखा हमला बोला है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत शामिल होंगे। मिलबेन ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम का विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति राजनीतिक विरोध के कारण किया जा रहा है।
ममदानी पर साधा निशाना
मिलबेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ममदानी और ये सभी समाजवादी कट्टरपंथी मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का विरोध करते हैं। यह बिल्कुल स्पष्ट है।" उन्होंने विरोधियों की राजनीतिक विचारधारा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा को मानने वाले लोग पूंजीवाद को नहीं समझते। मिलबेन ने दावा किया कि एमएसजी "समाजवादी बकवास का जवाब नहीं देता", बल्कि पूंजीवाद के आधार पर काम करता है और इसी वजह से कार्यक्रम जारी रहेगा।
"अपनी खुद की रैली आयोजित करो"
मिलबेन ने आलोचकों को सलाह देते हुए कहा, "ममदानी और उनके समाजवादी साथियों को मेरी सलाह है कि वे पूंजीवादी बन जाएं, पैसे इकट्ठा करें, एमएसजी को किराए पर लें और अपनी मोदी-विरोधी मूर्खता के लिए अपनी खुद की रैली आयोजित करें।" हालांकि, उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य विषय 'एकता' की सराहना भी की। मिलबेन ने कहा कि उन्हें रैली का शीर्षक पसंद आया और उम्मीद जताई कि कार्यक्रम में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सार्थक संवाद होगा।
ममदानी ने कार्यक्रम का समर्थन करने से किया इनकार
मिलबेन की यह प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के मंगलवार के बयान के बाद आई है। ममदानी ने कहा था कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले उस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, जिसमें आरएसएस प्रमुख भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने वाले हैं। हालांकि, ममदानी ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर प्रशासन के पास किसी निजी कार्यक्रम को प्रतिबंधित करने का कानूनी अधिकार हो भी सकता है और नहीं भी। उन्होंने कहा कि यह 29 अगस्त को होने वाला एक निजी कार्यक्रम है।
"मैं रैली का समर्थन नहीं करता"
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममदानी से पूछा गया कि क्या नगर प्रशासन को कार्यक्रम रद्द करना चाहिए, तो उन्होंने कहा, "मैं रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के पास है या नहीं।" ममदानी ने अपनी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा, "मैं यहां हमारे शहर के इतिहास में पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर के रूप में खड़ा हूं, और मेरी मां का पूरा परिवार अभी भी भारत में है।" उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें भारत की जो तस्वीर दिखाई, वह "एक बहुलवादी समाज, एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य का था जो भारत से संबंधित प्रत्येक व्यक्ति के अपनेपन में विश्वास रखता था।"
आरएसएस आंदोलन पर जताई चिंता
ममदानी ने वैश्विक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि किसी देश के प्रति संकीर्ण दृष्टिकोण पर आधारित किसी आंदोलन का उभरना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि वह इसका विरोध करते हैं, न केवल एक भारतीय-अमेरिकी के रूप में बल्कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर के रूप में भी, जहां हर व्यक्ति के अपनेपन में विश्वास किया जाता है, चाहे उसका रंग, पंथ, धर्म या मूल स्थान कुछ भी हो।
न्यूयॉर्क पहुंचे मोहन भागवत
यह राजनीतिक बहस आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद सामने आई है। भागवत आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत विदेशों में स्थित स्थानीय समूहों के निमंत्रण पर आयोजित तीन देशों के वैश्विक संपर्क दौरे पर हैं। उनके दौरे में अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। न्यूयॉर्क पहुंचने पर भागवत का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। न्यूयॉर्क में अपने दौरे के दौरान भागवत शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 'सार्वभौमिक एकता समारोह' में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदू फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) फोरम द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम हिंदू त्योहार रक्षाबंधन के पारंपरिक पालन को एकता, नागरिक कर्तव्य और वैश्विक सद्भाव के संदेश के साथ जोड़कर मनाएगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रमुख धार्मिक वक्ताओं के संबोधन भी होंगे। भागवत का संबोधन भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: महिला के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार