पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मुज़फ़्फ़र

PoJK में एक महीने से लॉकडाउन: इंटरनेट बंद, बैंकिंग ठप और बाजार बंद होने से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें

Markets Closed as PoJK Lockdown Continues

मुज़फ़्फ़राबाद: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मुज़फ़्फ़राबाद में एक महीने से जारी लॉकडाउन के कारण लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से लगे प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाओं के बंद रहने, बैंकिंग समस्याओं और शिक्षण संस्थानों के बंद होने से जनजीवन और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बातचीत से समाधान की मांग

स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपील की है कि लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने के बजाय बातचीत के जरिए इस संकट का समाधान निकाला जाए। निवासियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने, परिवहन व्यवस्था बाधित रहने और बैंकिंग सेवाएं ठप होने के कारण लोग आवश्यक सेवाओं तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।

'जरूरी सामान जुटाना भी मुश्किल'

मुज़फ़्फ़राबाद निवासी ख्वाजा अहमद ने कहा कि लगातार प्रतिबंधों के कारण लोगों के बीच अनिश्चितता का माहौल है। उन्होंने कहा कि लोग भोजन, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था करने में संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक बंद रहने से मानवीय संकट और गहरा होता जा रहा है।

व्यापारियों को भारी नुकसान

जिला ज़कात समिति के पूर्व अध्यक्ष रियाज़ अर्घम ने बाजार बंद रहने की आलोचना करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई दुकानदार हड़ताल का समर्थन नहीं करना चाहते, लेकिन उन्हें डर है कि दुकानें खोलने पर उनके कारोबार को नुकसान पहुंच सकता है। उनके अनुसार, लंबे समय तक जारी बंद का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है।

इंटरनेट बंद होने से कारोबार ठप

व्यापारी प्रतिनिधि मोहम्मद अजमल कुरैशी ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बंद होने से बैंकिंग लेनदेन, ऑनलाइन व्यापार, डिजिटल भुगतान और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह प्रभावित हो गई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों और विश्वविद्यालयों के लगातार बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और उनका बहुमूल्य शैक्षणिक समय बर्बाद हो रहा है।

अस्पताल पहुंचना भी हुआ मुश्किल

निवासियों के अनुसार, पेट्रोल की कमी और सीमित सार्वजनिक परिवहन के कारण यात्रा करना कठिन हो गया है। वहीं वित्तीय और परिवहन संबंधी समस्याओं के चलते लोगों के लिए अस्पतालों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। एक अन्य निवासी शब्बीर अहमद चक ने कहा कि आम लोग इस संकट का सबसे अधिक खामियाजा भुगत रहे हैं, क्योंकि कई लोग बैंकों से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं और जरूरी सामान भी खरीदने में असमर्थ हैं।

(एएनआई)

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