मरी के व्यापारियों ने अधूरे प्रोजेक्ट और बिजली संकट के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
मरी (पाकिस्तान)। मरी के मॉल रोड पर काम करने वाले व्यापारियों ने वॉल्ड सिटी प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापारियों ने प्रशासन पर लंबे समय से रुके हुए रीमॉडलिंग प्रोजेक्ट को पूरा करने में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक साल पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है। इससे स्थानीय व्यापारिक समुदाय को भारी आर्थिक नुकसान और कामकाज में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का दावा है कि 50 करोड़ रुपये से अधिक का ठेका दिए जाने के बावजूद काम की गति बहुत धीमी रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने काम की निगरानी में लापरवाही दिखाई और निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है।
देरी से कारोबार ठप, पर्यटकों की कमी ने बढ़ाई चिंता
इन देरी की वजह से न केवल दैनिक व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी कमी आई है, जो मरी के व्यापारियों की आय का मुख्य स्रोत है। अधूरे रीमॉडलिंग कार्य के साथ-साथ व्यापारियों ने बिजली की लाइनों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने के काम पर भी चिंता जताई है, जो वॉल्ड सिटी प्रशासन के अंतर्गत आता है। काफी समय बीत जाने के बाद भी बिजली के बुनियादी ढांचे को जमीन के नीचे ले जाने का काम पूरा नहीं हुआ है। मौजूदा ओवरहेड सिस्टम काफी संवेदनशील है, जिससे हल्की बारिश, बर्फबारी या तेज हवाओं जैसी मौसम की स्थितियों में भी बिजली बार-बार गुल हो जाती है।
बिजली व्यवस्था अधूरी, सुरक्षा और नुकसान को लेकर चेतावनी
बिजली कटौती के कारण व्यापार में बार-बार रुकावट आ रही है और दुकानदारों के महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुकसान पहुंच रहा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि बिजली व्यवस्था को भूमिगत करने में हो रही देरी जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है और किसी भी संभावित दुर्घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। मरी के व्यापारिक समुदाय ने मरियम नवाज शरीफ और मरियम औरंगजेब सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, रावलपिंडी डिवीजन के कमिश्नर और मरी के डिप्टी कमिश्नर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। व्यापारी मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जाए और निर्माण के मानकों में सुधार किया जाए ताकि आगे होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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