नेपाल के सदन अध्यक्ष डोल प्रसाद आर्यल ने प्रधानमं

नेपाल में बालेन शाह को संसद में सवालों के जवाब देने का निर्देश, 77 दिन बाद विपक्ष ने खत्म किया विरोध

Nepal: Balen Shah Told to Answer in Parliament

काठमांडू [नेपाल]: नेपाल के सदन अध्यक्ष डोल प्रसाद आर्यल ने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह को संसद में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया है। मार्च में पदभार संभालने के बाद से सदन अध्यक्ष की ओर से प्रधानमंत्री शाह को दिया गया यह पहला निर्देश है।

77 दिनों से संसद में विरोध कर रहा था विपक्ष

विपक्षी दल पिछले 77 दिनों से संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित होकर संसदीय प्रक्रिया के तहत सांसदों के सवालों का जवाब दें। विपक्ष का आरोप था कि प्रधानमंत्री शाह नियमित रूप से सदन में उपस्थित नहीं होते थे और संसदीय नियमों के तहत उनसे सवाल-जवाब भी नहीं हो पा रहे थे।

सदन अध्यक्ष ने जारी किया निर्देश

सोमवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में सदन अध्यक्ष आर्यल ने प्रधानमंत्री को निर्देश दिया कि वे प्रधानमंत्री और उनके अधिकार क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सांसदों के प्रश्नों का जवाब दें। आर्यल ने कहा, "मैं माननीय प्रधानमंत्री को निर्देश देता हूं कि वे प्रतिनिधि सभा की बैठक में उपस्थित हों और विनियमों के नियम 56, 57, 58, 59 और 60 के अनुसार माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर दें।"

निर्देश के बाद विपक्ष ने खत्म किया अवरोध

सदन अध्यक्ष की घोषणा के बाद विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही में किया जा रहा अवरोध समाप्त कर दिया। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही सुचारू रूप से शुरू हो गई। विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ नियमित मासिक प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित करने की भी मांग की थी।

शाह के बयान को लेकर भी था विवाद

विपक्षी दल प्रधानमंत्री शाह के 31 मई के उस बयान को लेकर भी संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेपाल ने भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है। विपक्ष ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री शाह अपना बयान वापस लें या इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करें। सोमवार को बैठक शुरू होने पर विपक्षी सांसद विरोध में खड़े हो गए। नेपाली कांग्रेस, यूएमएल, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी, श्रम संस्कृति पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने संसदीय नियमों के अनुसार नियमित मासिक प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित करने की मांग की।

अब सदन में सवालों के जवाब देंगे शाह

सदन अध्यक्ष के फैसले के बाद विपक्ष ने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। इससे संसद की नियमित कार्यवाही दोबारा सुचारू रूप से चलने लगी। अब प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के सदन में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का जवाब देने की उम्मीद है।

31 मई के बयान पर नहीं मिला कोई निर्देश

हालांकि, सदन अध्यक्ष आर्यल ने 31 मई को सदन की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री शाह द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर विपक्ष के विरोध पर कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया। विपक्षी सांसद उस बैठक के बाद से ही प्रधानमंत्री से उनके बयान पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।

नियमों में है प्रधानमंत्री से सवाल-जवाब का प्रावधान

प्रतिनिधि सभा नियम, 2026 के अध्याय 9 में प्रधानमंत्री के साथ प्रश्न-उत्तर सत्र से जुड़े प्रावधान हैं। नियम 56 के अनुसार, सदन अध्यक्ष प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में सदन की एक बैठक के पहले घंटे को सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री से सीधे संबंधित महत्वपूर्ण मामलों या उनके उत्तरदायित्वों से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछने के लिए निर्धारित करेंगे।

(एएनआई)

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