नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM केपी शर्मा ओली की रिहाई के दिए आदेश
काठमाडू (नेपाल)। नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों नेताओं को 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले ही काठमांडू की एक अदालत ने दोनों को पांच दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
जेन-जी विरोध प्रदर्शन को दबाने और गैर-इरादतन हत्या का था आरोप
पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को पिछले साल नेपाल में हुए जेन-जी के विरोध प्रदर्शन को दबाने और गैर-इरादतन हत्या के आरोप में 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद ही हुई थी। इससे पहले रविवार को काठमांडू की जिला कोर्ट ने दोनों की हिरासत को पांच दिन के लिए बढ़ा दिया था। पुलिस ने दोनों की हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांगी थी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को रिहा करने का आदेश दिया है।
सितंबर 2025 में हुए प्रदर्शन ने उखाड़ फेंकी थी सरकार
नेपाल में पिछले साल सितंबर में जेन-जी का विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस आंदोलन ने नेपाल की सत्ता को उखाड़ फेंका था। इसके साथ ही केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। उनकी सरकार का तख्तापलट हो गया था। इस आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। इस आंदोलन के बाद स्पेशल कोर्ट के पूर्व जज बहादुर कार्की की अगुवाई में एक जांच आयोग बना था जिसने सिफारिश की थी कि केपी शर्मा ओली, रमेश लेखक और तत्कालीन आईजी चंद्र कुबेर खापुंग पर आपराधिक लापरवाही के लिए नेशनल पीनल कोड की धारा 181 और 182 के तहत आरोप लगाए जाएं।
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