असहनीय दौर: बीएनएम प्रमुख ने डॉ. दीन मोहम्मद के 17

17 साल बाद भी लापता नेता का कोई सुराग नहीं, BNM ने मानवाधिकार उल्लंघन पर उठाए सवाल

No Trace Even After 17 Years: BNM Raises Concerns Over Human Rights Violations

पेरिस,(फ्रांस)। बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के अध्यक्ष डॉ. नसीम बलूच ने वरिष्ठ नेता डॉ. दीन मोहम्मद बलूच के जबरन लापता हुए 17 साल पूरे होने पर इसे बलूचिस्तान में लापता लोगों की समस्या का प्रतीकात्मक मामला बताया है।

डॉ. दीन मोहम्मद बलूच के लापता होने के 17 साल पूरे

X पर जारी बयान में उन्होंने कहा, कि 28 जून को डॉ. दीन मोहम्मद बलूच के लापता होने के 17 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा, कि यह समय किसी भी परिवार के लिए बेहद कठिन और असहनीय होता है, जबकि उनके परिजन लगभग दो दशकों से उनके भाग्य को लेकर मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं।

लगातार धमकियों और दबाव का सामना कर रहीं सम्मी दीन बलूच

उन्होंने डॉ. दीन मोहम्मद की बेटी सम्मी दीन बलूच का उल्लेख करते हुए कहा, कि उन्होंने अपने पिता और अन्य लापता लोगों की बरामदगी के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष को आगे बढ़ाने में साहस दिखाया है। हालांकि, उनके अनुसार, उन्हें लगातार धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ रहा है, ताकि वे इस अभियान और मानवाधिकार गतिविधियों से पीछे हट जाएं।

पाकिस्तान में मानवाधिकार का व्यापक उल्लंघन

डॉ. नसीम बलूच ने आरोप लगाया, कि यह स्थिति पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों के व्यापक पैटर्न को उजागर करती है, जहां लापता लोगों के परिजनों या न्याय की मांग करने वालों को राहत के बजाय डराने-धमकाने का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, कि वहां मानवाधिकार, लोकतंत्र और न्याय जैसी अवधारणाएं कमजोर हैं और राज्य की नीतियों की आलोचना करने वालों को अक्सर दंडित किया जाता है। उनके अनुसार, लापता लोगों के बारे में जानकारी मांगना भी कई बार अपराध जैसा माना जाता है।

शांतिपूर्ण संघर्ष के माध्यम से  लड़ाई रहेगी जारी

बीएनएम के रुख को दोहराते हुए, उन्होंने कहा, कि संगठन का मानना है, कि बलूच लोग मौजूदा हालात में अपने मौलिक अधिकार, गरिमा और स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं रख सकते। उन्होंने अंत में कहा, कि वे शांतिपूर्ण संघर्ष के माध्यम से न्याय और सच्चाई की प्राप्ति तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। (एएनआई)

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