पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया के

उत्तरी कोरिया ने अपनी सेना की मारक क्षमता बढ़ाई

उत्तरी कोरिया ने अपनी सेना की मारक क्षमता बढ़ाई 

किम जोंग ने क्रूज मिसाइल के परीक्षण को देखा

सियोल। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने लगातार दो दिनों तक नए युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने युद्धपोत से दागी गई क्रूज मिसाइलों का परीक्षण भी देखा। किम ने अपनी नौसेना को परमाणु हथियारों से और अधिक मजबूत करने का वादा किया है। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को इस दौरे की जानकारी दी। किम जोंग उन ने मंगलवार और बुधवार को नम्पो के पश्चिमी शिपयार्ड का दौरा किया। वहां उन्होंने 5,000 टन के युद्धपोत 'चो ह्योन' जैसी श्रेणी के तीसरे जहाज के निर्माण कार्य का जायजा लिया। किम ने कहा कि 'चो ह्योन' का विकास उनकी सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी प्रगति है। यह जहाज परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को दागने के लिए बनाया गया है। दक्षिण कोरियाई विशेषज्ञों का मानना है कि इस जहाज को बनाने में रूस ने मदद की है। हालांकि, कुछ लोग इसकी कार्यक्षमता पर संदेह भी जता रहे हैं। पिछले साल मई में इसी श्रेणी का दूसरा जहाज लॉन्चिंग के दौरान खराब हो गया था। इस नाकामी पर किम जोंग उन ने बहुत गुस्सा जाहिर किया था। उन्होंने इसे एक अपराध बताया था। उस जहाज का नाम 'कांग कोन' था, जिसे मरम्मत के बाद जून में फिर से लॉन्च किया गया। किम ने अब लक्ष्य रखा है कि अगले पांच वर्षों तक हर साल दो बड़े युद्धपोत बनाए जाएंगे। उनका पूरा ध्यान अब नौसेना की क्षमता बढ़ाने पर है। इसमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां बनाना भी शामिल है। नम्पो शिपयार्ड में बन रहा तीसरा युद्धपोत अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

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