वेनेजुएला में ONGC का बढ़ेगा दबदबा, अमेरिका से मिली मंजूरी; तेल परियोजनाओं का संचालन संभालने की तैयारी
नई दिल्ली [भारत]: सरकारी स्वामित्व वाली ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) से लाइसेंस मिल गया है। इसके बाद कंपनी वेनेजुएला में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की तैयारी कर रही है।
अमेरिकी मंजूरी से बढ़ी ONGC की आजादी
अमेरिकी लाइसेंस मिलने के बाद उन प्रतिबंधों से जुड़ी सीमाएं हट गई हैं, जिनके कारण ONGC को वेनेजुएला में अपने संचालन को सीमित रखना पड़ रहा था। इस मंजूरी से कंपनी को वेनेजुएला में अपनी संपत्तियों में अधिक निवेश करने, तेल उत्पादन बढ़ाने और नए समझौतों पर काम करने की अनुमति मिल सकती है। इसके अलावा ONGC वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA द्वारा संचालित कुछ परियोजनाओं का संचालन भी अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रही है।
‘अब परियोजना पर काम करने की पूरी आजादी’
ONGC के वित्त निदेशक अनुपम अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के पास अब वेनेजुएला में अपने निवेश पर काम करने के लिए अधिक लचीलापन है। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद निवेशकों के साथ बैठक में अग्रवाल ने कहा, "अब हमारे पास वेनेजुएला परियोजना पर काम करने की पूरी आजादी है क्योंकि पहले हम प्रतिबंधों से संबंधित जोखिमों के कारण वहां अपने संचालन को सीमित कर रहे थे। वे जोखिम अब खत्म हो गए हैं।"
500 मिलियन डॉलर से अधिक का लंबित लाभांश
अमेरिकी लाइसेंस वित्तीय लिहाज से भी ONGC के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कंपनी को वेनेजुएला में अपनी परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय मामलों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी को 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का लंबित लाभांश प्राप्त करने में भी मदद मिल सकती है।
PDVSA से परियोजनाएं लेने की तैयारी
ONGC वेनेजुएला में अपने निवेश को लेकर स्थानीय अधिकारियों और अपने संयुक्त उद्यम भागीदारों के साथ बातचीत कर रही है। अग्रवाल के अनुसार, कंपनी को नए समझौतों में प्रगति की उम्मीद है। इसके साथ ही ONGC वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से कुछ परियोजनाओं का संचालन अपने हाथ में लेने पर भी विचार कर रही है।
अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित था कारोबार
कई वर्षों से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ONGC के लिए वहां वित्तीय लेनदेन करना, निवेश बढ़ाना और अपने परिचालन का विस्तार करना मुश्किल रहा है। इन प्रतिबंधों के चलते वेनेजुएला में मौजूदगी के बावजूद कंपनी को अपनी गतिविधियां सीमित रखनी पड़ी थीं। वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार के कारण यह देश ONGC के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का सिद्ध भंडार है, जो दुनिया में सबसे बड़ा है। हालांकि, वर्षों से कम निवेश, अमेरिकी प्रतिबंधों और परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण देश में तेल उत्पादन उसकी क्षमता से कम रहा है।
नए पेट्रोलियम कानून से निवेश को मिल सकता है बढ़ावा
वेनेजुएला के नए पेट्रोलियम कानून से भी ONGC के लिए निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं। इस कानून के तहत संसाधनों के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं। अग्रवाल ने बताया कि ONGC विशेष रूप से वेनेजुएला के उथले और तटवर्ती क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन क्षेत्रों में कंपनी को पश्चिमी भारत में अपने घरेलू परिचालन का अनुभव हासिल है। उन्होंने कहा, "ओएनजीसी का ध्यान वेनेजुएला के उथले, तटवर्ती क्षेत्रों पर है, जहां उसे पश्चिमी भारत के घरेलू क्षेत्रों, जिनमें मेहसाना और अहमदाबाद शामिल हैं, से प्रासंगिक परिचालन विशेषज्ञता प्राप्त है।"
‘वेनेजुएला को लेकर बहुत आशावादी’
कंपनी अब प्रतिबंधों में मिली ढील के बाद वेनेजुएला में अपनी मौजूदा विशेषज्ञता का अधिक इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। अग्रवाल ने कहा, "हम वेनेजुएला को लेकर बहुत आशावादी हैं।" उन्होंने कहा कि कंपनी को नए समझौतों की उम्मीद है और निकट भविष्य में वह PDVSA से कुछ परियोजनाओं का संचालन अपने हाथ में ले सकती है।
(एएनआई)
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