बांग्लादेश में विपक्ष ने 6-सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए 246 किलोमीटर लंबी मोटर रैली की शुरू
ढाका (बांग्लादेश)। ढाका में सरकार के खिलाफ विपक्ष का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला है। बांग्लादेश में 11 पार्टियों के विपक्षी गठबंधन ने शनिवार को करीब 1,000 वाहनों के साथ 246 किलोमीटर लंबी ‘लॉन्ग मार्च’ मोटर रैली शुरू की। ढाका के मोतीझील से शुरू हुआ यह मार्च चट्टोग्राम के लालदीघी मैदान में बड़ी जनसभा के साथ खत्म होगा। विपक्षी गठबंधन ने जनमत संग्रह, राजनीतिक सुधार, बिजली-गैस संकट और बिगड़ती कानून-व्यवस्था समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया है।
1,000 वाहनों के काफिले का शफीकुर रहमान ने किया उद्घाटन
लगभग 1,000 गाड़ियों का यह काफिला सुबह करीब 8:00 बजे ढाका के मोतीझील स्थित शापला चत्तर से रवाना हुआ और इसका समापन चट्टोग्राम के ऐतिहासिक लालदीघी मैदान में एक बड़ी रैली के साथ होगा। इस रोड मार्च का औपचारिक उद्घाटन जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने 11-पार्टी विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं के साथ किया। इस गठबंधन में नेशनल सिटिज़न पार्टी (NCP) - जो हाल ही में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलनों से निकली एक प्रमुख पार्टी है - और अमर बांग्लादेश पार्टी (AB पार्टी) शामिल हैं।
सरकार गिराना नहीं, मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग
रैली के दौरान बात करते हुए, AB पार्टी (अमर बांग्लादेश पार्टी) के चेयरमैन मजीबुर रहमान भुइयां मोंजू ने स्पष्ट किया कि हालांकि यह आंदोलन सरकार को गिराने के लिए नहीं है, लेकिन यह देश के अहम मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई की मांग करता है। प्रदर्शनकारियों ने मांगों का एक चार्टर पेश किया है जो रोजमर्रा की जिंदगी के लगभग हर पहलू को छूता है। इसके केंद्र में 'गोनो वोट' (जनमत संग्रह) की मांग है, ताकि लंबे समय से किए जा रहे संवैधानिक और राजनीतिक सुधारों को लागू किया जा सके और देश के भविष्य में लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बिजली-गैस संकट और कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता
इसके साथ ही जुलाई प्रस्ताव का सम्मान करने की मांग भी जुड़ी है, ताकि पिछले साल छात्रों के नेतृत्व वाले जुलाई आंदोलन से निकले राजनीतिक वादों और न्याय के ढांचे को पूरा किया जा सके। राजनीति से परे, लोग गहरे आर्थिक और संसाधन संकट से जूझ रहे हैं। बिजली और प्राकृतिक गैस की भारी कमी ने घरों और व्यवसायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। वे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जता रहे हैं। यहां सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
जनता के अधिकार और सुशासन की मांग
इन सबके पीछे जनता के अधिकारों और सुशासन की एक बड़ी मांग है - ऐसी प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक निष्पक्षता की मांग, जो सरकार और नागरिकों के बीच भरोसा बहाल कर सके। AB पार्टी के चेयरमैन मुजीबुर रहमान भुइयां मोंजू ने कहा, "हमने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर लॉन्ग मार्च शुरू किया है। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी बहुत ही वाजिब मांगों पर विचार करेगी और सभी लोग हमारे साथ एकजुट होंगे। गोनो वोट (जनमत संग्रह) को लागू करना, फिर हमारा जुलाई का प्रस्ताव, बिजली और गैस का संकट, और कानून-व्यवस्था की स्थिति, हमारी मांग सिर्फ न्याय की है और लोगों के अधिकारों की जीत होगी।"
कई शहरों में मार्च और जनरैली का कार्यक्रम तय
BDNews24 की रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन के शीर्ष नेता जमात अमीर शफीकुर रहमान ने 6 अगस्त को ढाका के मुक्तांगन में धरने के दौरान लॉन्ग मार्च और जन-रैली के कार्यक्रमों की घोषणा की थी। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट ने घोषित कार्यक्रम का हवाला देते हुए बताया कि गठबंधन 19 सितंबर को ढाका से रंगपुर, 10 अक्टूबर को खुलना और 24 अक्टूबर को ट्रेन से सिलहट तक लॉन्ग मार्च करेगा, जबकि 14 नवंबर को ढाका में एक जन-रैली आयोजित की जाएगी। (Source: ANI)
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