भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर 90% से अधिक काम पूरा
न्यूयॉर्क: अमेरिका के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नयी ऊंचाई पर ले जाएगा। अधिकारी ने कहा कि व्यापार समझौते पर दोनों देश 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर चुके हैं और अब केवल कुछ अंतिम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर की उम्मीद
पीटीआई की ओर से यह पूछे जाने पर कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कब तक होने की उम्मीद है, अधिकारी ने कहा, मैं यही कहूंगा कि इंतजार कीजिए, हम बहुत करीब हैं। 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ अंतिम चीजों पर काम किया जा रहा है इसलिए उम्मीद है कि आपको बहुत जल्द इस पर कुछ देखने को मिलेगा। अधिकारी ने कहा, यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को, खासकर व्यापार के क्षेत्र में वास्तव में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
भारत-अमेरिका समझौते के करीब पहुंचने का दावा
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अब हम समझौते के बहुत करीब हैं। जब यह समझौता हो जाएगा, तो यह निश्चित रूप से बहुत बड़ी और उत्साहजनक उपलब्धि होगी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की अक्टूबर में होने वाली भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, यह यात्रा भारत-अमेरिका साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क का हिस्सा है। अमेरिका के फ्लोरिडा में दिसंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इस बारे में अधिकारी ने कहा कि उस दौरान कुछ बड़े ऐलान भी हो सकते हैं।
क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक पर जोर
अधिकारी ने कहा कि इस साल क्वाड चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद से संबंधित विदेश मंत्रियों की बैठक तीसरी बार होने जा रही है। उन्होंने कहा, यह अभूतपूर्व है। इससे पहले विदेश मंत्रियों की एक वर्ष में इतनी बार बैठक नहीं हुई। मुझे लगता है कि इससे साफ होता है कि हम इस राजनयिक समूह को कितना महत्व दे रहे हैं। भारत के साथ-साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया भी इसे काफी अहमियत देते हैं इसलिए इस संबंध में आगे होने वाले घटनाक्रम पर भी नजर रखिए। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह अमेरिका और भारत दोनों की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।
पश्चिम एशिया में स्थिरता से आईएमईसी को मिलेगी रफ्तार
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी घटनाओं के कारण आईएमईसी की प्रगति को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन अगर क्षेत्र में स्थिरता आती है तो परियोजना फिर तेजी से आगे बढ़ सकती है। अधिकारी ने कहा, भारत और अमेरिका, दोनों आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सामने आई चुनौतियों के कारण इसमें रुकावट आई। प्रशासन की शुरुआत से ही हम इजराइल-गाजा संघर्ष से जुड़ी स्थिति से जूझ रहे थे, जिससे निश्चित रूप से यह प्रक्रिया रुक गई। उन्होंने कहा, असल में यह पूरा मामला पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर निर्भर है। जब वहां स्थिरता आएगी, तब आप आईएमईसी को तेजी से आगे बढ़ते हुए देखेंगे।
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