इस्लामाबाद। हाल के एक विश्लेषण में पाकिस्तान की आर

पाक की आर्थिक आजादी का दावा जटिल, पाक निचले पायदान की अर्थव्यवस्थाओं में शुमार

पाक की आर्थिक आजादी का दावा जटिल, पाक निचले पायदान की अर्थव्यवस्थाओं में शुमार

इस्लामाबाद। हाल के एक विश्लेषण में पाकिस्तान की आर्थिक आजादी की स्थिति की जटिल और असहज तस्वीर पेश की गई है।  'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण में कहा गया है कि आर्थिक स्थिरता के बारे में जो नरेटिव दी जाती हैं वे लगातार ढांचागत कमजोरियों से टकराती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मापदंड लगातार पाकिस्तान को लगातार निचले पायदान की अर्थव्यवस्थाओं में शुमार करता है।

रिपोर्ट में गवर्नेंस, न्यायिक विश्वसनीयता और बाजार की गतिशीलता लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। अधिकारियों का तर्क है कि मुद्रा स्फिति का खराब दौर गुजर चुका है, सुधार का माहौल बन रहा है। इसके बावजूद आलोचकों का कहना है कि कागजों पर जो सुधार दिख रहे हैं वे दैनिक आर्थिक जीवन में उतरना बाकी हैं। निवेशक निवेश के मामले में ऐहतियात बरत रहे हैं, खासकर उन जगहों पर जहां दबाव में और राजनीतिक प्रभाव में करार कराए जाते हैं।

तीखा विरोधाभास वाले मामलों में से एक है-करावधान। अंतर्राष्ट्रीय जानकार इसकी व्याख्या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में कम टैक्स के रूप में कर सकते हैं, इसके साक्ष्य के रूप में कि बोझ हल्का होगा। हालांकि जनता और प्रतिषठान का अनुभव उल्टा है।

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