पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की बहन

इमरान खान की बहन ने नवाज़ शरीफ़ पर दोहरे मानक अपनाने का आरोप लगाया

इमरान खान की बहन ने नवाज़ शरीफ़ पर दोहरे मानक अपनाने का आरोप लगाया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उनके हालिया इंटरव्यू में हेरफेर की थी

इस्लामाबाद [पाकिस्तान], एएनआई। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की बहन नौरीन नियाज़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में खुले तौर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) के नेता नवाज़ शरीफ़ पर "दोहरे मानक" अपनाने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि उन्हीं ताकतों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उनके हालिया इंटरव्यू के कुछ हिस्सों में हेरफेर की थी।

नोरीन नियाज़ी के खाते से की गई पोस्ट में कहा गया है कि "पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ का दोहरापन हैरान करने वाला है। वे भारतीय मीडिया को इंटरव्यू देने के लिए मुझ पर हमला करते हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने खुद पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को बदनाम करने के लिए भारतीय प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है।" पोस्ट में आगे कहा गया, "आज, वह और उनका परिवार जनादेश में खुलेआम हेरफेर के दम पर आराम से सत्ता में बैठा है, और, उन्हीं ताकतों से फायदा उठा रहा है जिनके वे कभी खिलाफ थे। उनके भाई, उनकी बेटी और उनकी पार्टी दूसरों को सिद्धांतों पर उपदेश देते हुए प्राधिकार के फायदे उठा रहे हैं।" पोस्ट में आगे आरोप लगाया गया कि एएनआई के साथ उनके हालिया इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को डिजिटली बदल दिया गया था। उन्होंने लिखा, "दुनिया यह भी नोट करे: इसी पावर स्ट्रक्चर से जुड़े लोगों ने बेशर्मी से एआईका इस्तेमाल करके मेरे इंटरव्यू के कुछ हिस्सों में छेड़छाड़ की, यह जानबूझकर मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और लोक मत को गुमराह करने की कोशिश थी।" उन्होंने इन दावों को इमरान खान की मौजूदा हिरासत से जोड़ा, और उन्हीं लोगों पर उन्हें सम्पर्क से दूर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये वही लोग हैं जिन्होंने इमरान खान को चार हफ्तों तक गैर-कानूनी, अमानवीय तनहाई में रखा, परिवार, वकीलों और मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कभी कोई पब्लिक पोजीशन नहीं ली है और उनकीटिप्पणियाँ केवल उनके भाई की विधिक स्थिति की चिंता से प्रेरित थी। "मैंने कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला है। सबके सामने बोलने का मेरा एकमात्र मकसद अपने भाई के साथ जेल में हुई नाइंसाफ़ी को सामने लाना और मानवाधिकार संगठनों तथा न्यायतंत्र से आग्रह करना है कि वे उसके कानूनी, राजनीतिक और मानवीय अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से नज़रअंदाज़ किए जाने की पहचान करें।"

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