पाकिस्तान ने तालिबान को दी तख्तापलट की खुली धमकी
पाकिस्तान का सख़्त संदेश
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर अफगानिस्तान को धमकाया गया है कि तालिबान सरकार सुलह का रास्ता चुने और उसकी सभी मांगें मान ले। पाकिस्तान ने चेताया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो काबुल में तालिबान सरकार को चुनौती देने वाली दूसरी ताकतों को इस्लामाबाद समर्थन कर सकता है। राजनयिक और खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से अफगान तालिबान नेतृत्व के लिए भेजा गया यह संदेश किसी बड़ी कार्रवाई से पहले का ‘आखिरी संकेत’ माना जा रहा है।
तुर्की के जरिए अल्टीमेटम, बातचीत ठप पड़ने के बाद कड़ा रुख
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान सरकार के साथ महीनों तक चली बातचीत में रुकावट आने के बाद पाकिस्तान ने मध्यस्थ तुर्की के जरिए अल्टीमेटम दिया है। यह नया संदेश तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर कार्रवाई करने में तालिबान की अनिच्छा और बॉर्डर पार से बढ़ते हमलों पर इस्लामाबाद की निराशा को दर्शाता है। अब पाकिस्तान काबुल में सत्ता परिवर्तन की कोशिशों की तरफ बढ़ने का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में पाकिस्तान तालिबान के तख्तापलट की हद तक जाकर कदम उठा सकता है।
काबुल–दिल्ली नजदीकी से पाकिस्तान असहज
भारत और अफगानिस्तान की बढ़ती नज़दीकियों के कारण पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और भू-राजनीतिक हितों को लेकर और सतर्क हो गया है। इसी वजह से इस्लामाबाद अब अफगानिस्तान के अंदर और बाहर मौजूद तालिबान विरोधी राजनीतिक हस्तियों और विरोधी नेटवर्क से संपर्क बढ़ा रहा है। तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद किनारे किए गए या विदेश में रह रहे अफगान नेताओं से पाकिस्तानी अधिकारी लगातार संपर्क साध रहे हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान इन समूहों को भविष्य में सत्ता परिवर्तन के लिए ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ की तरह तैयार कर रहा है।
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