खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है पाकिस्तान
Pakistan : इस्लामाबाद, पाकिस्तान 1 दिसंबर, 2025 (एजेंसी): पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के सेंट्रल जेल, रावलपिंडी (अदियाला जेल) के बाहर रात भर धरनादेने के कुछ दिनों बाद अब पाकिस्तान के विधि एवं न्याय राज्यमंत्री बैरिस्टर अकील मलिक ने कहा कि ख़ैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जा रहा है।राष्ट्रपति शासनको सही ठहराने के लिए उन्होने खैबर पख्तूनख्वा में "सुरक्षा और शासनसंबंधी मुद्दों" का हवाला दिया।
जियो न्यूज़ के एक कार्यक्रम में मलिक ने कहा कि अफरीदी और उनकी टीम "किसी भी तरह की काम करने लायक स्थिति बनाने में बुरी तरह असफल रही है"।डॉन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक मलिक ने कहा कि "न तो वे केंद्र के साथ किसी तरह का सामंजस्य या तालमेल चाहते हैं, और न ही वे उन क्षेत्रों में कोई एक्शन लेते हैं जहां इसकी ज़रूरत थी।" राज्यमंत्री ने कहा कि ख़ैबर राष्ट्रपति शासनलगाना एक संवैधानिक कदम है जो "बहुत ज़रूरी" होने पर उठाया जा रहा है। मलिक ने आगे कहा कि ख़ैबर के हालात की मांग है कि वहां एक प्रशासकीय ढांचे की मौजूदगी पक्की करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान मेंराष्ट्रपति शासनसंविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर लगाया जाता है, और ऐसा फैसला लेने का अधिकार सिर्फ़ राष्ट्रपति के पास होता है। मलिक ने ख़ैबर पख्तूनख्वा सरकार पर प्रांत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले "रास्ते रोकने और प्रांत को काटने की योजना बनाने" का भी आरोप लगाया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इन गतिविधियों की शुरुआत तब हुई ख़ैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अफरीदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से लगातार आठवीं बार मिलने से मना किए जाने के बाद रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर रात भर धरना दिया।
उनका विरोध प्रदर्शन गुरुवार दोपहर को शुरू हुआ और इसमें अफरीदी कैबिनेट के सदस्य भी शामिल थे। डॉन के मुताबिक, अफरीदी ने पार्टी के लाइवस्ट्रीम पर ऐलान किया कि धरना खत्म हो रहा है और अब वह इस्लामाबाद हाई कोर्ट जाएंगे।
बलूचिस्तान में हमलावर के खुद को उड़ाया; सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया बलूचिस्तान [पाकिस्तान], 1 दिसंबर, 2025(एजेंसी): बलूचिस्तान के नोककुंडी में फ्रंटियर कॉर्प्स मुख्यालय के मुख्य द्वारपर आत्मघाती हमलावर द्वारा खुद को उड़ा लेने के बाद सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में यहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के कम से कम तीन आतंकी मारे गए। यह जानकारी फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान साउथ के प्रवक्ता ने दी। फ्रंटियर कॉर्प्स के बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाब दिया और तीन आतंकियों को मार गिराया।
डॉन समाचार-पत्र की रिपोर्ट में कहा गया कि हमलावर की हरकत के बाद कम से कम छह हथियारबंद हमलावर फ्रंटियर कॉर्प्स मुख्यालय परिसर में घुस गए थे। खबर है कि पंजगुर जिले के गुरमाकन इलाके में एक चौकी पर भी हमला हुआ।नवंबर 2022 में टीटीपी के पाकिस्तान सरकार के साथ सीज़फ़ायर खत्म करने के बाद, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान मेंउनकी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि गत शनिवार को बलूचिस्तान के क्वेटा और डेरा मुराद जमाली में सात धमाके हुए, जिसमें एक धमाके में रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा उड़ गया और ट्रेन ट्रैफिक रुक गया। इस बीच, बलूचिस्तान में लोगों को गायब कर दिए जाने और न्यायेतर हत्याओं का लेखा-जोखा करने वाली एक बड़ोमानवाधिकार संगठन पांक की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट से चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई है। रिपोर्ट में "व्यवस्थित राज्य-प्रायोजित हिंसा" की एक डरावनी तस्वीर दिखाई गई है, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र और उनके सहयोगी मिलिशिया पर पूरे प्रांत में बड़े पैमाने पर अपहरण, उत्पीड़न और हत्याएं करने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कम से कम 87 लोगों को गायब किए जाने और 20 न्यायेतर हत्याओं की पुष्टि हुई है।
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