पाकिस्तान रेलवे ने अपनी रियायत नीति में एक विवादास

पाकिस्तान रेलवे की नई रियायत नीति से यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

Pakistan Railways Cuts Travel Discounts

इस्लामाबाद (पाकिस्तान)। पाकिस्तान रेलवे ने अपनी रियायत नीति में एक विवादास्पद बदलाव लागू किया है। इस फैसले का असर पूरे देश में हज़ारों यात्रियों पर पड़ने वाला है। नए उपायों से किराए में मिलने वाली छूट काफी हद तक कम हो गई है और कई पुरानी रियायतें भी खत्म कर दी गई हैं। इससे यात्रा खर्च बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी इन बदलावों को रियायतों के इस्तेमाल को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के प्रयासों का हिस्सा बताकर सही ठहरा रहे हैं।

छूट पर 50 प्रतिशत की सीमा तय

समा टीवी के मुताबिक, नई नीति के तहत सभी तरह की रियायतों पर 50 प्रतिशत की सख्त सीमा तय कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब यात्री टिकट की कीमत के आधे से ज़्यादा की छूट नहीं पा सकेंगे। यह पहले के नियमों से बिल्कुल अलग है, जिनमें कुछ खास श्रेणियों के यात्रियों को ज़्यादा छूट दी जाती थी।

सालाना यात्रा उपयोग पर भी सख्त पाबंदी

अधिकारियों का दावा है कि इस सीमा से एकरूपता आएगी, लेकिन कई यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि यात्रा अब कम सस्ती रह जाएगी। एक और अहम बदलाव के तहत, अब पात्र यात्री साल में सिर्फ़ 10 बार ही रियायती दरों पर एक तरफ़ा यात्रा कर सकेंगे। इस्तेमाल पर लगाई गई इस सीमा का मकसद रियायतों का बँटवारा नियंत्रित तरीके से करना है, लेकिन इससे उन यात्रियों को दिक्कत हो सकती है जो अक्सर यात्रा करते हैं और अपनी ज़रूरी यात्राओं के लिए इन रियायतों पर निर्भर रहते हैं।

ग्रीन लाइन और प्रीमियम ट्रेनों से रियायत खत्म

यह नई नीति सभी ट्रेनों और सभी श्रेणियों पर लागू होगी, जिससे पूरे रेलवे नेटवर्क में इसका एक जैसा पालन सुनिश्चित हो सकेगा। हालाँकि, कई प्रीमियम और निजी तौर पर चलाई जाने वाली सेवाओं को इस रियायत योजना से बाहर रखा गया है। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीन लाइन, पाक बिज़नेस, शाह हुसैन एक्सप्रेस और अन्य आउटसोर्स सेवाओं जैसी ट्रेनों में अब रियायती किराए की सुविधा नहीं मिलेगी। इसका सीधा मतलब है कि अब महंगी यात्रा के विकल्पों पर मिलने वाली छूट तक यात्रियों की पहुँच कम हो जाएगी।

जीवनसाथी को मिलने वाली 50% छूट खत्म

शायद सबसे ज़्यादा विवादित बदलाव वह है जिसके तहत, पहले पति-पत्नी को दी जाने वाली 50 प्रतिशत की रियायत को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। इस बेहद लोकप्रिय रियायत को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। यह नीतियों में की जा रही उस व्यापक सख्ती को दर्शाता है, जिसे कई लोग यात्रियों की ज़रूरतों के प्रति असंवेदनशील मान रहे हैं। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सख्त सीमाएं लगाने और कई अहम रियायतें खत्म करने से, यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

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