पाकिस्तान में रेलवे बदहाल: 6 बड़े संगठनों ने रेल मंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा
रावलपिंडी (पाकिस्तान)। पाकिस्तान रेलवे के भीतर छह प्रमुख श्रमिक संगठनों ने मौजूदा रेलवे व्यवस्था की हालत पर आक्रोश जताते हुए रेल मंत्री को तुरंत हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान नेतृत्व में विभाग की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
दिखावटी सुधारों पर नाराज़गी, यूनियनों ने उठाए सवाल
स्थानीय मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक रेलवे वर्कर्स यूनियन, रेलवे प्रेम यूनियन, रेलवे लेबर यूनियन, रेलवे इंकलाबी यूनियन, रेलवे मजदूर यूनियन और रेलवे सेम्पर्स यूनियन ने उन उपायों को केवल दिखावे का सुधार बताते हुए आलोचना की। इनमें पुराने डिब्बों को पेंट कर उन्हें नए ट्रेनों के रूप में पेश करना शामिल है।
जर्जर पटरियों और हादसों ने बढ़ाई चिंता
सभी संगठनों का कहना है कि असली जरूरत ढांचागत सुधारों की है, खासकर कराची-पेशावर मार्ग पर बुरी तरह जर्जर हो चुकी रेलवे पटरियों को बदलने की। यूनियन प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मौजूदा मंत्री के कार्यकाल में रेलवे व्यवस्था लगातार गिरावट की ओर बढ़ी है। उनके मुताबिक, इस दौरान कम से कम 17 ट्रेन हादसे हो चुके हैं। इनमें से पांच घटनाएं केवल रावलपिंडी में हुईं। इनका मुख्य कारण खराब और उपेक्षित पटरियां हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा और ढांचे के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नेतृत्व और निजीकरण पर विवाद, अनुभवी प्रबंधन की मांग
श्रमिक संगठन के नेताओं ने रेल मंत्री की तकनीकी जानकारी की कमी की भी आलोचना की। उन्होंने सरकार से मांग की कि रेलवे को स्थिर करने के लिए अनुभवी नेतृत्व को वापस लाया जाए। यूनियन अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन धीरे-धीरे इस व्यवस्था को बेचने की ओर बढ़ रहा है। इससे निजीकरण को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
बढ़ते शुल्क और सुविधाओं की कटौती पर यात्रियों में नाराज़गी
उन्होंने बढ़ते सेवा शुल्कों की भी निंदा की और कहा कि यात्रियों को अब स्टेशन के शौचालय, प्रवेश टिकट, पार्किंग और कुली सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं, पहले उपलब्ध वाई-फाई सुविधा भी बंद कर दी गई है। यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि केवल दिखावटी बदलावों से पाकिस्तान रेलवे की गहरी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
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