अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले, कुनार में 3 लोगों की मौत
काबुल: पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए नवीनतम हवाई हमलों से सीमा पार अभियानों में मारे गए नागरिकों की संख्या में और इजाफा हुआ है। कुनार में तीन लोगों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की खबर है, जबकि पक्तिका प्रांत में भी हमले किए गए। टोलो न्यूज ने यह रिपोर्ट दी है।
पक्तिका के दो इलाकों को बनाया निशाना
टोलो न्यूज के अनुसार, स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सोमवार तड़के अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले के राखा और तोरकंडी इलाकों को दो अलग-अलग हमलों में निशाना बनाया गया। एक हमले में एक खाली घर को निशाना बनाया गया, जबकि दूसरे हमले में एक पूर्व दुकान को निशाना बनाया गया। इन हमलों में नुकसान हुआ, लेकिन कथित तौर पर कोई हताहत नहीं हुआ।
कुनार में 3 लोगों की मौत
इस बीच, कुनार प्रांत में एक अलग पाकिस्तानी हवाई हमले में कथित तौर पर तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। ये नवीनतम हमले अफगानिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के लगातार जारी रहने के बीच हुए हैं। सीमा पार बार-बार हो रहे हमलों में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की संख्या बढ़ रही है।
UNAMA ने दर्ज की 399 नागरिकों की हताहतें
अफगानिस्तान में मानवाधिकार स्थिति पर अप्रैल से जून 2026 तक के अपने अपडेट में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन अफगानिस्तान (UNAMA) ने बताया कि उसकी मानवाधिकार सेवा ने 1 अप्रैल से 30 जून के बीच सीमा पार सशस्त्र हिंसा के कारण 399 नागरिकों की हताहतें दर्ज कीं। इनमें 57 लोगों की मौत और 342 लोग घायल हुए। इन हताहतों में 40 महिलाएं शामिल थीं, जिनमें छह की मौत हुई। वहीं, 112 बच्चे भी प्रभावित हुए, जिनमें 26 की मौत और 86 घायल हुए। UNAMA ने कहा कि इस अवधि में हवाई हमले और जमीनी झड़पें नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के प्रमुख कारण रहे।
पक्तिया, पक्तिका और कुनार में सबसे ज्यादा असर
UNAMA के अनुसार, अप्रैल से जून के दौरान अफगानिस्तान में दर्ज सभी सीमा पार नागरिक हताहतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल जिम्मेदार थे। रिपोर्ट में पक्तिया, पक्तिका और कुनार को उन प्रांतों में शामिल किया गया, जहां हवाई हमलों के कारण सबसे अधिक नागरिक हताहत हुए।
जनवरी-मार्च में भी 750 से ज्यादा नागरिक प्रभावित
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि को कवर करने वाली UNAMA की रिपोर्ट में अफगान सुरक्षा बलों और पाकिस्तानी सैन्य बलों के बीच सीमा पार सशस्त्र हिंसा के कारण 750 से अधिक नागरिकों के मारे जाने और घायल होने का दस्तावेजीकरण किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से अधिकांश हताहत फरवरी और मार्च में हुए।
तालिबान ने दी 'करारा जवाब' देने की चेतावनी
शनिवार को तालिबान प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान को किसी भी पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अपने क्षेत्र की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने इस्लामाबाद को चेतावनी दी कि अगर वह अफगानिस्तान के अंदर हमला करता है तो उसे “करारा जवाब” दिया जाएगा। अल अरबिया इंग्लिश के साथ एक इंटरव्यू में मुजाहिद ने पाकिस्तान के उन आरोपों को खारिज किया कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी समूहों द्वारा भर्ती, प्रशिक्षण और पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान अफगान क्षेत्र की पवित्रता का उल्लंघन करने के लिए अनुच्छेद 51 का हवाला देता है, तो अफगानिस्तान को अपने देश की रक्षा करने का अधिकार है, और हम ऐसा करेंगे।”
पाकिस्तान ने आतंकवादी समूहों पर लगाए आरोप
मुजाहिद की यह टिप्पणी अल अरबिया इंग्लिश को दिए गए एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में आई है। पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने आरोप लगाया था कि आतंकवादी समूह अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल लड़ाकों की भर्ती, प्रशिक्षण और उन्हें हथियार मुहैया कराने के लिए कर रहे हैं, जो बाद में पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं। हालिया हमलों से अफगानिस्तान में सीमा पार हिंसा के कारण नागरिकों को हुए नुकसान की संख्या और बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस तरह की हिंसा में सैकड़ों नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया है। आबादी वाले इलाकों को प्रभावित करने वाले हवाई हमलों की बार-बार सामने आ रही रिपोर्टों ने अफगान सीमा पर पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के मानवीय प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
(एएनआई)
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