ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता , 19 को होंगे हस्ताक्षरः शाहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ

वॉशिंगटन डीसी , इस्लामाबाद, तेहरान ,।   पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शऱीफ ने कई वार्ताओं और मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते पर अब 19 जून क हस्ताक्षर होंगे। अमेरिका  राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते की सराहना की है।  उन्होंने  समझौते को एक ऐतिहासिक सफलता बताया और कहा कि पिछली अमेरिकी सरकारें ईरान के साथ ऐसा  परिणाम हासिल करने में विफल रही थीं। इसके साथ ही ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के मंत्री) काज़ेम ग़रीबाबादी ने शांति समझौते की पुष्टि की। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने कहा कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार यानि 19 जून को होगा, जिसके बाद समझौता का निनरण सार्वजनिक किया जाएगा।

समझौते के लि ट्रंप ने की अपनी तारीफ 

वहीं ट्करंप ने कहा कि क्षेत्र के नेताओं को पहली बार एक ऐसा राष्ट्रपति मिला है जो उन्हें वास्तविक शांति प्राप्त करने में मदद कर सकता है।" उन्होंने इस सप्ताह के अंत में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। दुनिया के लिए दोनों तरफ से तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा!।

समझौते की सफलता अमेरिका की प्रतबद्धताओं पर निर्भर हैः ईरान

ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिवसीय वार्ता अवधि में तभी प्रवेश करेगा जब यह सत्यापित हो जाएगा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने शत्रुता समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने से संबंधित प्रतिबद्धताओं को पूरा कर लिया है। अब अमेरिका को अपनी प्रतबद्धताएं पूरी करनी हैं। यह भी दावा किया कि यह समझौता राजनयिक प्रयासों और संघर्ष के दौरान ईरान की सैन्य उपलब्धियों का परिणाम है।

हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा आयोजितः शाहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि गहन वार्ता के बाद यह समझौता हुआ है और घोषणा की कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमत हुए हैं और कतर को धन्यवाद दिया। सऊदी अरब और तुर्की ने मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग दिया। (एएनआई)

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