भारत और यूएई के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में हुए सौदे, 5 अरब डॉलर के निवेश की जताई गई प्रतिबद्धता
अबू धाबी (यूएई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के परिणामस्वरूप रक्षा, ऊर्जा, अवसंरचना और बैंकिंग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते और निवेश की घोषणाएं हुईं। यात्रा के घोषित परिणामों के अनुसार भारत और यूएई ने सामरिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे द्विपक्षीय सामरिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूती मिली। दोनों देशों ने सामरिक पेट्रोलियम भंडार पर एक समझौता ज्ञापन और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पर एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिला।
समुद्री क्षेत्र में, दोनों पक्षों ने वडीनार में एक जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एक महत्वपूर्ण निवेश घोषणा में भारतीय अवसंरचना के साथ-साथ आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी की। अबू धाबी पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अबू धाबी के लिए रवाना हुए। 15 से 20 मई तक चलने वाले उनके पांच देशों के दौरे में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, नवाचार और हरित विकास के क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को गहरा करना और यूरोप तथा खाड़ी क्षेत्र के साथ नई दिल्ली के बढ़ते संबंधों को सुदृढ़ करना है।
यूएई के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे, जहां वे डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से बातचीत करेंगे और राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा में सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन, नवाचार, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद प्रधानमंत्री 17 से 18 मई तक स्वीडन का दौरा करेंगे और स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संयुक्त रूप से संबोधित करने की भी उम्मीद है।
इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों, हरित परिवर्तन और सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे।
(एएनआई)
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